राज्य
31-Mar-2026
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दमोह (ईएमएस) । जिला शिक्षा केंद्र दमोह में कार्यरत एपीसी, बीएसी और जनशिक्षकों की वेतन व्यवस्था और प्रतिनियुक्ति में हो रही अनियमितताओं को लेकर शिक्षक संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। जिला सचिव प्रमेन्द्र कुमार जैन एवं जिला अध्यक्ष कमलेश कुमार सेन ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र सौंपकर लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि नियमानुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत इन शिक्षकों का वेतन इसी अभियान के मद से होना चाहिए। किंतु, वर्तमान में इनका वेतन इनके मूल विद्यालयों या संकुल केंद्रों से आहरित किया जा रहा है। इस कारण तकनीकी रूप से उन स्कूलों के पद ’भरे हुए’ दिखाई देते हैं, जिससे वहां अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। रिक्त पदों पर भर्ती न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का शिक्षण कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। शिक्षक नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में बीआरसी स्तर के आदेशों पर कई ऐसे अपात्र शिक्षक बीएसी और जनशिक्षक के पदों पर काबिज हैं, जो नियमों के विपरीत दो-दो जगहों का कार्यभार संभाल रहे हैं। संगठन के अनुसार, शिक्षक का कार्य पूर्णकालिक होता है, लेकिन इस दोहरी व्यवस्था के कारण न तो प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से हो पा रहा है और न ही स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता बनी रह पा रही है। पारदर्शी काउंसलिंग और मूल शाला वापसी की मांग छात्र हित का हवाला देते हुए संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि नियम विरुद्ध संलग्नीकरण के आदेश तत्काल निरस्त कर शिक्षकों को उनकी मूल शाला भेजा जाए। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत रिक्त पदों पर शीघ्र पारदर्शी काउंसलिंग आयोजित कर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की जिम्मेदारी विभाग की होगी।