क्षेत्रीय
31-Mar-2026


बालाघाट (ईएमएस). प्रदेश में बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना 1 अप्रैल 2007 से प्रारम्भ की गई । वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले में 6853 बालिकाओं को जोड़ा गया है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपमाला मंगोदिया ने बताया कि वर्ष 2025-26 में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले में 6723 बालिकाओं को जोडऩे का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य के विरूद्ध 30 मार्च तक जिले की 6853 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना में शामिल किया गया है। बाल विकास परियोजना कटंगी में 727 के लक्ष्य के विरूद्ध 731, किरनापुर में 755 के लक्ष्य के विरूद्ध 840, खैरलांजी में 644 के लक्ष्य के विरूद्ध 631, परसवाड़ा में 404 के लक्ष्य के विरूद्ध 412, वारासिवनी में 743 के लक्ष्य के विरूद्ध 743, बालाघाट ग्रामीण में 747 के लक्ष्य के विरूद्ध 753, बालाघाट शहरी में 240 के लक्ष्य के विरूद्ध 245, बिरसा में 596 के लक्ष्य के विरूद्ध 600, बैहर में 398 के लक्ष्य के विरूद्ध 400, लांजी में 691 के लक्ष्य के विरूद्ध 699 तथा बाल विकास परियोजना लालबर्रा में 778 के लक्ष्य के विरूद्ध 799 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना में शामिल किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 1 जनवरी 2006 अथवा उसके पश्चात जन्मी बालिका को शामिल किया जाता है। इसके लिए बालिका को स्थानीय आंगनबाड़ी केन्द्र में पंजीकृत होना चाहिए, उसके माता-पिता मध्यप्रदेश के मूलनिवासी हों और उन्हें आयकर दाता नहीं होना चाहिए । इस योजना के अंतर्गत बालिका के नाम से शासन की ओर से 1 लाख 43 हजार रुपये का आश्वासन प्रमाण पत्र जारी किया जाता है । योजना में पंजीकृत बालिका को कक्षा 6 वीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, कक्षा 9 वीं में प्रवेश पर 4 हजार रुपये, कक्षा 11 वीं में प्रवेश पर 6 हजार रुपये एवं कक्षा 12वीं में प्रवेश पर 6 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है । लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के पश्चात स्नातक अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में (पाठ्यक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो समान किश्तों में पाठ्यक्रम के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जाती है। भानेश साकुरे / 31 मार्च 2026