मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज और वर्तमान में आईसीसी मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ ने भारतीय टीम में अपनी अलग ही पहचान बनायी है। आमतौर पर लाइम लाइट से दूर रहे श्रीनाथ एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने उस दौर में गेंदबाज की कमान संभाली जब भारतीय टीम में स्पिनरों का दबदबा था। इसके बाद भी श्रीनाथ ने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन व लैंथ से अपनी अलग पहचान बनायी। उन्होंने जब तेज गेंदबाजी की कमान संभाली तब महान ऑलराउंडर कपिल देव संन्यास के करीब थे। ऐसे में सभी की अपेक्षाएं बढ़ी हुई थीं। श्रीनाथ ने अपने को साबित भी किया उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1996 में अहमदाबाद में 21 रन देकर 6 विकेट झटककर भारत को अविश्वसनीय जीत दिलाई थी. वह भारत के पहले ऐसे गेंदबाज थे जिन्होंने लगातार 150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी की। वहीं साल 2002 में श्रीनाथ ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। श्रीनाथ ने इसके बाद 2003 विश्वकप में जबरदस्त गेंदबाजी की और सबसे अधिक विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने। भारतीय टीम के फाइनल तक के सफर में उनकी अहम भूमिका रही। श्रीनाथ ने अपने करियर में 315 एकदिवसीय और 236 टेस्ट विकेटों लिए। संन्यास के बाद भी वह अंपायर के तौर पर खेल से जुड़े रहे। गिरजा/ईएमएस 01 अप्रैल 2026