राज्य
01-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में आईएफएफडी के समापन पर भारत मंडपम में शतक: संघ के सौ वर्ष (आरएसएस के योगदान पर) और लोकमाता देवी अहिल्याबाई की फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग हुई। मंत्री कपिल मिश्रा ने फिल्मों की सराहना करते हुए कहा कि ये राष्ट्र नायकों के त्याग और योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराती हैं। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली (आईएफएफडी) के समापन दिवस पर भारत मंडपम में फिल्म विशेष स्क्रीनिंग को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में दिल्लीवासियों, फिल्म प्रेमियों और सिनेमा से जुड़े लोगों ने फिल्में देखीं। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने फिल्मों के निर्माता-निर्देशकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी फ़िल्में नई पीढ़ी को अपने राष्ट्र नायकों और उनके महत्वपूर्ण योगदान से परिचित कराती हैं। शतक फिल्म के जरिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आधारशिला डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर एवं बाला साहेब देवरस का राष्ट्रनिर्माण में नेतृत्व और योगदान की प्रस्तुति प्रभावशाली ढंग से की गई है। स्वयंसेवकों का देश के आंदोलनों में योगदान एवं देश के मुश्किल समय में पूर्ण समर्पण से किया गया कार्य लोगों को प्रेरित करता है। जम्मू-कश्मीर को देश का हिस्सा बनाए रखने एवं गोवा की स्वतंत्रता में स्वयंसेवकों का सर्वस्व बलिदान संघ के पूर्ण समर्पण की भावना को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्षों की यात्रा, सेवा कार्यों और सामाजिक योगदान को इस फिल्म के माध्यम से व्यापक समाज तक पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री ने आरएसएस एवं जनसंघ के राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत कर संकल्पों को सिद्ध किया है। बगैर भेदभाव गांव और गरीब का विकास, अंत्योदय को योजनाओं का आधार बनाना, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और देश के दुश्मनों को गोली का जवाब गोले से देना ऐसे सभी संकल्प पूरे हुए हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/01/ अप्रैल /2026