तिरुचिरापल्ली,(ईएमएस)। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले, डीएमके प्रमुख और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली में रैली करके चुनावी बिगुल फूंका। ‘करुणानिधि का बेटा हूँ’ का उद्घोष करते हुए उन्होंने किसानों और महिलाओं के लिए कई बड़े वादे किए। इस रैली के दौरान स्टालिन ने किसानों को साधने के लिए सत्ता में आने पर राज्य के 20 लाख किसानों को मुफ्त पंपसेट देने और धान की खरीद 3,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर सुनिश्चित करने का वादा। यह किसानों को राहत देने के साथ उनके विश्वास को मजबूत करने की रणनीति मानी जा रही है। इसके अलावा, स्टालिन ने तिरुचिरापल्ली को राजधानी चेन्नई के बराबर विकसित करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने क्षेत्र में नई लाइब्रेरी, टीआईडीईएल पार्क और ओलंपिक अकादमी स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार वादों को निभाती है और ‘जो कहते हैं, वही करते हैं।’ इस दौरान स्टालिन ने विपक्षी दलों एआईएडीएमके और बीजेपी पर हमला कर कहा कि एआईएडीएमके ने 10 साल तक राज्य को पतन की ओर धकेला और बीजेपी ने तमिलनाडु को कोई फंड नहीं दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा और छात्रों के लिए हर महीने 1,000 रुपये का उच्च शिक्षा भत्ता जैसी कल्याणकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक लागू की हैं। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण माहौल और निवेश बढ़ाने को भी अपनी उपलब्धि बताया और कहा कि तमिलनाडु में जातिगत या सांप्रदायिक हिंसा नहीं होती, जो बीजेपी-शासित राज्यों में देखने को मिलती है। स्टालिन ने 26,000 करोड़ रुपये के कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की नीतियाँ अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन रही हैं। तिरुचिरापल्ली रैली में सीएम स्टालिन ने किसानों, महिलाओं और छात्रों के लिए बड़े चुनावी वादों के साथ अपनी छवि ‘वादे निभाने वाले नेता’ के रूप में प्रस्तुत की, और जनता से समर्थन की अपील की। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026