:: तलाई ग्रिड शुरू, चारधाम और वाल्मीकि धाम में काम तेज; 150 नए ट्रांसफार्मर भी लगेंगे :: इंदौर (ईएमएस)। सिंहस्थ-2028 की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अभी से कमर कस ली है। उज्जैन और ओंकारेश्वर में बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए ग्रिडों की स्थापना और उच्चदाब लाइनों के विस्तार का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। तलाई क्षेत्र में नया 33/11 केवी ग्रिड बनकर तैयार हो चुका है, जिससे बिजली वितरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। सरकार के निर्देशों पर प्राथमिकता के साथ कराए जा रहे इन कार्यों से न केवल आगामी सिंहस्थ के करोड़ों श्रद्धालुओं को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि उज्जैन और ओंकारेश्वर नगरीय क्षेत्र के स्थानीय उपभोक्ताओं को भी अघोषित कटौती से मुक्ति मिलेगी। चारधाम और वाल्मीकि धाम में ग्रिड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि नानाखेड़ा क्षेत्र में जल्द ही नए ग्रिड का काम शुरू किया जाएगा। :: 20 किमी उच्चदाब लाइन और 150 नए ट्रांसफार्मर :: उज्जैन शहर की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 33 केवी की 20 किलोमीटर लंबी उच्चदाब लाइनों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके साथ ही 150 किलोमीटर क्षेत्र में निम्नदाब केबल बिछाने का कार्य भी प्रगति पर है। शहर के लोड को संतुलित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 150 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। सौंदर्यकरण और सुरक्षा के लिहाज से उज्जैन नगरीय क्षेत्र के चुनिंदा स्थानों पर अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। :: ओंकारेश्वर में भी बुनियादी ढांचे का विस्तार :: सिंहस्थ के मद्देनजर ओंकारेश्वर में भी बिजली नेटवर्क को सशक्त किया जा रहा है। मोरटक्का से मोरधड़, थापना, कोठी और मुगेशनगर तक 10.50 किलोमीटर लंबी 33 केवी उच्चदाब लाइन स्थापित की जा चुकी है। एसएसटीडी योजना के अंतर्गत ओंकारेश्वर में एक नया 33/11 केवी सब-स्टेशन बनाया जा रहा है, जो मेला अवधि के दौरान बिजली की अतिरिक्त मांग को पूरा करने में सक्षम होगा। इन कार्यों के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता कई गुना बढ़ जाएगी। प्रकाश/02 अप्रैल 2026