राज्य
02-Apr-2026
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:: खरगोन के मिस्त्री के साथ हुआ था खौफनाक हादसा, जटिल सर्जरी के बाद अब खतरे से बाहर :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए एक युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। खरगोन निवासी एक युवक के गले में निर्माण कार्य के दौरान लोहे का सरिया घुस गया था, जिसे बेहद जटिल और आपातकालीन सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से युवक की जान बच सकी। आनंद नगर (जिला खरगोन) निवासी 30 वर्षीय सद्दाम पेशे से मिस्त्री है। बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे कार्य के दौरान वह एक भीषण हादसे का शिकार हो गया, जिसमें लोहे का एक सरिया उसके गले के आर-पार हो गया। गंभीर स्थिति में उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल खरगोन से तत्काल इंदौर रेफर किया गया। एमवाय अस्पताल पहुंचते ही सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। :: विशेषज्ञों की टीम ने दिखाई तत्परता :: सर्जरी विभाग की इस चुनौतीपूर्ण टीम में डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर और सीनियर रेजिडेंट डॉ. सुब्रजीत नायक सहित जूनियर डॉक्टरों की टीम शामिल रही। ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सरिये को इस तरह निकालने की थी कि गले की मुख्य नसें और श्वास नली सुरक्षित रहें। चिकित्सकों ने अत्यंत कुशलता के साथ सर्जरी कर सरिये को बाहर निकाला। इस जटिल प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी जैन और उनकी इमरजेंसी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे मरीज को स्थिर रखा जा सका। :: अब स्थिति में है सुधार :: अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, समय पर सर्जरी होने के कारण संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव जैसे खतरों को टाल दिया गया। फिलहाल सद्दाम की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों की इस सफलता की चहुंओर प्रशंसा हो रही है, क्योंकि सरिये के गले जैसे संवेदनशील हिस्से में फंसे होने के बावजूद मरीज को बचाना किसी चमत्कार से कम नहीं था। प्रकाश/02 अप्रैल 2026