:: बड़ी उपलब्धि : एमवाई अस्पताल में 140 मरीजों का सफल बोनमैरो ट्रांसप्लांट, त्वचा दान में शहर देश में दूसरे नंबर पर :: इंदौर (ईएमएस)। अंगदान और देहदान के क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर इंदौर अब इस पुनीत कार्य को और गति देने जा रहा है। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में संपन्न इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। अब डॉक्टरों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति जो अंगदान के लिए परिवार को प्रेरित कर इसे सफल बनाएगा, उसे सहायता संस्था द्वारा 25 हजार रुपये का इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) प्रदान किया जाएगा। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने सोसायटी के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड के बाद संभाग में अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्तमान में इंदौर संभाग के 13 चिकित्सा संस्थानों को अंग प्रत्यारोपण की अनुमति है, जिनमें से 11 सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं। सक्रियता के मामले में राजश्री अपोलो, चोईथराम और विशेष जुपिटर अस्पताल शीर्ष तीन संस्थानों में शामिल हैं। :: सरकारी अस्पताल में बोनमैरो ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड :: बैठक में शासकीय एमवाई अस्पताल की बड़ी उपलब्धि साझा की गई। पिछले 6 वर्षों में यहाँ 140 रोगियों का बोनमैरो ट्रांसप्लांटेशन पूरी तरह निःशुल्क या न्यूनतम शुल्क पर किया गया है। यह सुविधा मुख्यमंत्री सहायता योजना, पीएम केयर फंड और निजी संस्थाओं के सहयोग से संचालित हो रही है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में इंदौर का यह एकमात्र शासकीय अस्पताल है जहाँ यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक हो रही है। :: त्वचा और नेत्रदान में भी रचा इतिहास :: इंदौर अब केवल किडनी और लीवर ही नहीं, बल्कि त्वचा और नेत्रदान में भी देश का केंद्र बन गया है। डॉ. खाड़े ने बताया कि इंदौर देश का दूसरा सबसे बड़ा स्किन बैंक संचालित करने वाला शहर है। चोईथराम अस्पताल के माध्यम से अब तक 1039 मृतकों का त्वचा दान प्राप्त किया जा चुका है। इसी तरह पिछले 10 वर्षों में शहर में करीब 18 हजार कॉर्निया (आंखें) प्राप्त की गईं, जिनमें एमके इंटरनेशनल आई बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। वर्ष 2025 में एमवाई अस्पताल के नेत्र विभाग ने 62 केरोटोप्लास्टी (आंखों का प्रत्यारोपण) कर मिसाल पेश की है। :: प्रतीक्षा सूची में 218 मरीज, जागरूकता पर जोर :: आंकड़ों के अनुसार, इंदौर संभाग में वर्तमान में 218 मरीज (189 किडनी और 29 लीवर) अंग प्राप्ति की प्रतीक्षा सूची में हैं। अंगदान की बढ़ती साख के कारण अब पूरे भारत से रोगी इंदौर आ रहे हैं। हाल ही में शेल्बी अस्पताल में एक ही दिन में दो किडनी प्रत्यारोपण कर राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोरी गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाया जाएगा और धर्मगुरुओं व समाजसेवियों को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। :: बैठक में ये रहे मौजूद :: बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गडरिया, डॉ. निर्मला अखंड, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा, समाजसेवी जनक पलटा, डॉ. अनिल भंडारी, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य और जीतू बागानी सहित निजी अस्पतालों के प्रबंधक उपस्थित थे। प्रकाश/02 अप्रैल 2026