राज्य
02-Apr-2026


:: 91 हजार से अधिक बच्चों को मिली पहली पसंद, 15 अप्रैल तक आवंटित स्कूलों में ले सकेंगे दाखिला :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की नि:शुल्क सीटों पर प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों का इंतजार गुरुवार को खत्म हो गया। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में प्रदेश के 1 लाख 6 हजार 51 बच्चों को उनकी पसंद के निजी स्कूलों में प्रवेश आवंटित किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस पूरी प्रक्रिया का राज्य शिक्षा केंद्र के यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण भी किया गया। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने ऑनलाइन लॉटरी का बटन दबाकर चयन प्रक्रिया संपन्न की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश देश में आरटीई के तहत ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाने वाला अग्रणी राज्य है। इस वर्ष लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के बाद कुल 1 लाख 78 हजार 714 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से रैंडम पद्धति के जरिए 1 लाख 6 हजार 51 बच्चों को सीटों का आवंटन हुआ है। इनमें 54 हजार 746 बालक और 51 हजार 305 बालिकाएं शामिल हैं। :: 91 हजार बच्चों को मिला फर्स्ट चॉइस का स्कूल :: लॉटरी के परिणामों में खास बात यह रही कि चयन की वरीयता का पूरा ध्यान रखा गया। कुल आवंटित बच्चों में से 91 हजार 543 बच्चों को उनकी पहली पसंद (प्रथम वरीयता) वाले स्कूल ही मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार, नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी-1 में 31 हजार 970 और कक्षा पहली में 7 हजार 862 बच्चों को सीटें मिली हैं। जिन बच्चों का चयन हुआ है, उनके अभिभावकों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी जा रही है। चयनित बच्चे आवंटित स्कूलों में 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक पहुंचकर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे। :: गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवारों की सबसे अधिक भागीदारी :: संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि लॉटरी प्रक्रिया में सबसे अधिक संख्या गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की रही। इस श्रेणी से लगभग 1 लाख 14 हजार से अधिक आवेदन पात्र पाए गए थे। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च और फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे संबंधित स्कूलों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की टीम की सराहना की गई। :: दूसरे चरण में मिलेगा शेष बच्चों को मौका :: प्रथम चरण की लॉटरी के बाद भी जो बच्चे किसी स्कूल में सीट पाने से वंचित रह गए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। शासन द्वारा स्कूलों में रिक्त रही सीटों पर प्रवेश के लिए द्वितीय चरण का अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर आवेदक रिक्त सीटों के अनुसार पुनः अपनी वरीयता दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन लॉटरी के दौरान अपर संचालक शीतांशु शुक्ला, अरुण सिंह, नियंत्रक आरटीई किरण कुशवाहा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रकाश/02 अप्रैल 2026