टोक्यो (ईएमएस)। इंटरनेट स्पीड के क्षेत्र में जापान के वैज्ञानिकों ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मई 2025 में एनआईसीटी की टीम ने 1.02 पेटाबिट्स प्रति सेकंड की अविश्वसनीय स्पीड हासिल की, जिसे 29 मई 2025 को आधिकारिक रूप से घोषित किया गया। जापानी विशेषज्ञों की यह उपलब्धि इंटरनेट तकनीक के भविष्य को पूरी तरह बदलने वाली मानी जा रही है। इस स्पीड को समझना आम लोगों के लिए आसान नहीं है। 1.02 पेटाबिट्स प्रति सेकंड का मतलब है कि एक सेकंड में 10 लाख गीगाबाइट से भी ज्यादा डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है। इतनी तेज रफ्तार पर पूरी नेटफलीक्स लाइब्रेरी को मात्र एक सेकंड में डाउनलोड करना संभव हो सकता है। इसके अलावा, लाखों यूजर्स एक साथ 4के और 8के क्वालिटी के वीडियो बिना किसी रुकावट के देख सकेंगे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे 19-कोर ऑप्टिकल फाइबर तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए 1,808 किलोमीटर लंबी दूरी पर सफल परीक्षण किया गया। खास बात यह है कि यह नई तकनीक मौजूदा फाइबर नेटवर्क के साथ भी संगत है, जिससे भविष्य में इसे लागू करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। आज के डिजिटल दौर में डेटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। वैज्ञानिक इसे और अधिक प्रभावी, सस्ता और व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह उपलब्धि केवल जापान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि भविष्य में इंटरनेट की गति और क्षमता किस स्तर तक पहुंच सकती है। आने वाले समय में जहां आज की 100-500 एमबीपीएस स्पीड सामान्य मानी जाती है, वहीं पेटाबिट स्तर की स्पीड भी आम हो सकती है, जो डिजिटल दुनिया को एक नई दिशा देगी। नेटफलीक्स, यूटयूब, ऑनलाइन गेमिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाओं के कारण भारी मात्रा में डेटा ट्रांसफर होता है। ऐसे में यह नई तकनीक बड़े डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी और उन्नत एआई सिस्टम के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकती है। हालांकि, यह तकनीक अभी प्रयोगशाला स्तर पर है और आम उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं है। सुदामा/ईएमएस 04 अप्रैल 2026