राष्ट्रीय
04-Apr-2026


मालदा,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। मालदा जिले के कालियाचक-2 ब्लॉक में नई वोटर लिस्ट को लेकर उपजा विवाद अब एक बड़े सुरक्षा संकट में तब्दील हो गया है। हाल ही में कालियाचक-2 ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पर हुए हिंसक हमले और न्यायिक अधिकारियों के घेराव के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चतम न्यायालय की फटकार के बाद निर्वाचन आयोग ने मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी है। विवाद की शुरुआत सप्लिमेंट्री वोटर लिस्ट के प्रकाशन को लेकर हुई थी। बीडीओ ने घटना से पहले ही जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी और हमले की आशंका जताई थी। पत्र में स्पष्ट किया गया था कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे अधिकारियों पर हमले की योजना बना रहे हैं। चेतावनी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न होने के कारण 1 अप्रैल की रात करीब 100 लोगों की उग्र भीड़ ने बीडीओ कार्यालय के दोनों द्वारों को घेर लिया, जहां न्यायिक अधिकारी भी मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने न केवल कार्यालय का घेराव किया, बल्कि नेशनल हाईवे-12 को जाम कर सूजापुर और कालियाचक में जमकर उत्पात मचाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को देर रात बल प्रयोग करना पड़ा।इस प्रशासनिक विफलता पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बंगाल प्रशासन को लताड़ लगाई, जिसके बाद जांच का जिम्मा एनआईए को मिला। एनआईए की टीम ने मालदा पहुंचकर कालियाचक और मोथाबाड़ी थानों का दौरा कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। इस बीच, पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस पूरे घेराव के मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम नामक वकील को बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है, जो बेंगलुरु भागने की फिराक में था। राजनीतिक रूप से भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा, एआईएमआईएम और आईएसएफ पर मालदा का माहौल बिगाड़ने और लोगों को उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षा कारणों से अब बीडीओ कार्यालय के कामकाज और अधिकारियों को मालदा टाउन के होटलों में शिफ्ट कर दिया गया है। अधिकारियों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी और सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए कार्यालय को स्थायी रूप से स्थानांतरित करने की मांग भी की है। फिलहाल, विशेष पर्यवेक्षक एनके मिश्रा के निर्देश पर न्यायिक अधिकारियों को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/04अप्रैल2026