लंदन (ईएमएस)। लोगों के लिए क्या कुत्ते का चाटना या खरोंचना भी खतरनाक हो सकता है। करीब दो दशकों से मरीजों की सेवा कर रहे एक चिकित्सक के मुताबिक, रेबीज एक बेहद खतरनाक और लगभग लाइलाज बीमारी है। एक बार इसके लक्षण प्रकट हो जाएं तो मरीज को बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि इससे बचाव के लिए शुरुआती सावधानी और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कुत्तों के संपर्क से होने वाले जोखिम को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में केवल चाटना शामिल है, जिसमें त्वचा पूरी तरह सुरक्षित रहती है और कोई घाव या खरोंच नहीं होती। इस स्थिति में आमतौर पर खतरा कम माना जाता है। दूसरी श्रेणी में कुत्ते के चाटने या खरोंचने से त्वचा छिल जाती है या हल्का घाव बन जाता है, जिससे थोड़ा खून भी निकल सकता है। यह स्थिति सावधानी की मांग करती है और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। तीसरी श्रेणी सबसे गंभीर होती है, जिसमें कुत्ते के काटने या गहरी खरोंच से मांस तक कट जाता है और खून निकलता है। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना अनिवार्य होता है। डॉक्टरों के अनुसार, अगर कुत्ता पालतू है और उसे नियमित रूप से रेबीज का टीका लगा हुआ है, तो सामान्य परिस्थितियों में उसका चाटना ज्यादा खतरनाक नहीं होता। हालांकि, अगर कुत्ता आवारा है या उसके स्वास्थ्य की जानकारी नहीं है, तो उसका चाटना भी जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब त्वचा पर पहले से घाव, कट या खरोंच हो। विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि कुत्ते के संपर्क के बाद लापरवाही नहीं करनी चाहिए। चाहे कुत्ता पालतू हो या आवारा, यदि चाटने, खरोंचने या काटने से त्वचा क्षतिग्रस्त हुई है और खून निकल रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। सुदामा/ईएमएस 05 अप्रैल 2026