ज़रा हटके
05-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। अक्सर देखा जाता है कि ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों को गैस, ब्लोटिंग, भूख कम लगना, पेट निकलना और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं ज्यादा होती हैं। इसकी मुख्य वजह शारीरिक गतिविधि का कम होना और गलत खानपान की आदतें हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब व्यक्ति लगातार बैठा रहता है और खाने के तुरंत बाद फिर कुर्सी पर बैठ जाता है, तो पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और पेट में भारीपन या गैस बनने लगती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है और शरीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है। आयुर्वेद के अनुसार, केवल अच्छा भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से खाना भी उतना ही जरूरी है। आयुर्वेद मानता है कि भोजन हमेशा शांत मन और सकारात्मक भाव के साथ करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल शरीर को पोषण मिलता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर रहता है। ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना बेहद फायदेमंद हो सकता है। सबसे पहले, भोजन को जल्दी-जल्दी खत्म करने की बजाय धीरे-धीरे चबा-चबाकर खाना चाहिए। इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। इसके अलावा, खाना खाते समय मोबाइल या लैपटॉप से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि ध्यान पूरी तरह भोजन पर रहे। खाने के तुरंत बाद कुर्सी पर बैठना पाचन के लिए हानिकारक माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भोजन के बाद कम से कम 10 मिनट तक टहलना चाहिए। इससे खाना आसानी से पचता है और गैस या ब्लोटिंग की समस्या कम होती है। साथ ही, पूरे दिन लगातार बैठने से बचना चाहिए और हर 1-2 घंटे में थोड़ा चलना-फिरना जरूरी है। पानी का पर्याप्त सेवन भी पाचन के लिए बेहद जरूरी है, खासकर गर्मियों में। इसके अलावा, दोपहर के समय तले-भुने और भारी भोजन से बचकर हल्का और पौष्टिक खाना लेना चाहिए, क्योंकि यह जल्दी पचता है और शरीर को ऊर्जा भी देता है। अगर इन छोटी-छोटी आदतों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जाए, तो न केवल पाचन तंत्र मजबूत रहेगा, बल्कि समग्र स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा। मालूम हो कि आधुनिक जीवनशैली में ऑफिस का काम पूरी तरह कंप्यूटर और कुर्सी तक सीमित हो गया है, जहां लोग रोजाना 8-9 घंटे लगातार बैठे रहते हैं। इस आदत का सबसे ज्यादा असर पाचन तंत्र पर देखने को मिल रहा है। सुदामा/ईएमएस 05 अप्रैल 2026