पिचिंग कार्य से जलाशय की संरचना को करेंगे मजबूत वर्षा के जल को संग्रहित करने किया जा रहा है प्रयास बालाघाट (ईएमएस). जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बोरीखेड़ा लघु जलाशय की पार पर पिचिंग एवं रेनकट्स के सुधार का कार्य प्रारंभ किया गया है। इस कार्य से जलाशय की संरचना को मजबूती मिलने के साथ-साथ वर्षा जल के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। वैनगंगा संभाग के कार्यपालन यंत्री योगेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि जलाशय की पार पर पिचिंग कार्य के माध्यम से मिट्टी के कटाव को रोका जा रहा है, जिससे जलाशय की दीर्घायु बढ़ेगी। वहीं रेनकट्स (बारिश के पानी से बने गड्ढों/कटाव) के सुधार कार्य से पार को सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि बरसात के दौरान होने वाले नुकसान को रोका जा सके। इस कार्य में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मिलकर श्रमदान एवं तकनीकी सहयोग से कार्य को गति दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के संरक्षण कार्यों से जलाशय की जलधारण क्षमता बढ़ेगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी और भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। साथ ही यह कार्य जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों ने बताया कि आगामी समय में भी ऐसे जल संरचनाओं के संरक्षण एवं सुधार कार्य जारी रहेंगे, जिससे क्षेत्र में जल संकट की समस्या को कम किया जा सके और ग्रामीणों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। भानेश साकुरे / 06 अप्रैल 2026