एसडीएम और कृषि अधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में किया नुकसान का आकलन --फसल का आंकलन करते एसडीएम और तहसीलदार हाथरस (ईएमएस)। क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार शाम को हो रही बारिश ने गेहूं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में रखी कटी फसल के खराब होने और खेतों में खड़ी फसल के बिछ जाने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इसी बीच, एसडीएम नीरज शर्मा और जिला कृषि अधिकारी निखिल तिवारी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आंकलन किया। एसडीएम ओर कृषि अधिकारी को किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल कटकर खेतों में पड़ी है, जो लगातार बारिश से सड़ने के कगार पर है। तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और चमक कम होने की आशंका बढ़ गई है। खलिहानों में रखी कटी हुई फसल भीग जाने से उसे दोबारा सुखाने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी, जिससे मड़ाई का काम भी प्रभावित होगा। प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। एसडीएम नीरज शर्मा और जिला कृषि अधिकारी निखिल तिवारी ने कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर बरसे, लहौर्रा, नगला बलदेव, लुटसान, दरियापुर, लढौता और सठिया गांवों का दौरा किया। उन्होंने उन किसानों से बात की जो अपनी फसल को पलटने का प्रयास कर रहे थे और उनसे नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी ली। वहीं एसडीएम नीरज शर्मा ने बताया कि बारिश से हुई किसानों की क्षति का आकलन कृषि अधिकारी के साथ मिलकर किया गया है। प्रशासन किसानों को हुए नुकसान का जायजा ले रहा है ताकि उचित कदम उठाए जा सकें। ईएमएस/नीरज चक्रपाणी/ 06 अप्रैल 2026