क्षेत्रीय
07-Apr-2026
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- लगभग 30 धनुहार परिवारों की सड़क-बिजली-पानी के बिना जूझती जिंदगी कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपलवा का आश्रित ग्राम छिंदपहरी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। घने जंगलों और कच्चे ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच बसे इस ग्राम तक पहुंचना ही किसी चुनौती से कम नहीं है। यहां रहने वाले लगभग 30 धनुहार आदिवासी परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहाँ न पक्की सड़क, न स्थायी बिजली और न ही साफ पेयजल की व्यवस्था हैं, इन तीनों की कमी ने यहां के जीवन को बेहद कठिन बना दिया है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब होती हैं जब ग्राम में कोई बीमार पड़ता है। चिकित्सालय तक पहुंचने के लिए मरीजों को खाट या कंधे पर उठाकर कई किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह रास्ता और भी जोखिम भरा हो जाता है। शिक्षा की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। बिजली और संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है। ग्राम में सोलर पैनल जरूर लगाए गए हैं, लेकिन वह स्थायी समाधान नहीं बन पाए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें नियमित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति दी जाए। यक्ष प्रश्न यह उठता है कि जब शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए बजट स्वीकृत किए जा रहे हैं और योजनाओं का क्रियान्वयन भी बताया जा रहा है, तब ग्राम छिंदपहरी जैसे ग्राम अब तक इन सुविधाओं से क्यों वंचित हैं? 07 अप्रैल / मित्तल