गुना (ईएमएस)। अपनी विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिले के अन्नदाताओं ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। नारेबाजी के साथ बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलेक्टोरेट परिसर पहुंचे। यहां संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन एडीएम अखिलेश जैन को सौंपा। जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह दांगी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में किसानों की आर्थिक और मानसिक समस्याओं का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय किसान संघ ने गेहूं उपार्जन में हो रही देरी पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। संघ की मुख्य मांग है कि गेहूं की तुलाई की अंतिम तिथि 15 मई से बढ़ाकर 30 मई की जाए और चना व मसूर की खरीदी तत्काल शुरू हो। साथ ही, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कर्ज अदायगी की तिथि (ड्यू डेट) 28 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल करने की मांग की गई है, क्योंकि गेहूं की खरीदी देरी से शुरू होने के कारण करीब 70 प्रतिशत किसान डिफाल्टर होने की कगार पर हैं। किसानों ने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज की राशि से बिना अनुमति के कर्ज की कटौती न की जाए। इसके अतिरिक्त, पराली जलाने पर किसानों के विरुद्ध की जा रही एफआईआर और दंडात्मक कार्यवाही को तत्काल बंद करने की मांग की गई है। क्षेत्रीय समस्याओं का जिक्र करते हुए ज्ञापन में बताया गया कि 3 और 4 अप्रैल को आरोन व चांचौड़ा तहसील में हुई भारी ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिसका तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कृषि पंपों के बिजली बिलों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने, मूंग और उड़द की फसल के लिए पर्याप्त बिजली देने और बिजली चोरी के नाम पर बनाए जा रहे एकतरफा पंचनामों पर रोक लगाने की मांग की है। मंडी व्यवस्था को लेकर संघ ने चेतावनी दी है कि रविवार के अलावा किसी भी दिन मंडी बंद न की जाए, अन्यथा इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान संगठन के सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे। - सीताराम नाटानी