* अहमदाबाद मंडल में पहली बार 2200 टन क्षमता वाली क्रॉलर क्रेन का उपयोग, उच्च सुरक्षा मानकों के साथ कार्य पूर्ण * रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी बधाई, मणिनगर में भारी पोर्टल बीम का सफल प्रक्षेपण अहमदाबाद (ईएमएस)| पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में मुम्बई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना के अंतर्गत आज मणिनगर–अहमदाबाद रेलखंड पर अत्यंत जटिल एवं उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस क्रम में किमी 497 (बीकेसी/मुंबई से दूरी) पर स्थित पियर संख्या 05 पर प्रीकास्ट आरसीसी पोर्टल बीम का सफल प्रक्षेपण किया गया, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान मंडल रेल प्रबंधक, अहमदाबाद वेद प्रकाश तथा पीसीपीएम/एनएचएसआरसीएल, अहमदाबाद राजेश अग्रवाल की उपस्थिति एवं निगरानी में कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उक्त पोर्टल बीम अत्यंत विशाल एवं भारी संरचना है, जिसका वजन लगभग 1360 टन है। इसकी लंबाई 34 मीटर, चौड़ाई 5.5 मीटर तथा ऊंचाई 4.5 मीटर है। उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु इसे M50 ग्रेड कंक्रीट से निर्मित किया गया है, जिससे इसकी संरचनात्मक मजबूती एवं दीर्घायु सुनिश्चित होती है। इस जटिल कार्य के निष्पादन हेतु 2200 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक क्रॉलर क्रेन (एसएएनवाय एससीसी38000टीएम) का उपयोग किया गया, जिसका भारतीय रेलवे में प्रथम बार प्रयोग किया गया है। यह क्रेन उच्च स्तरीय सुपर-लिफ्ट तकनीक से युक्त है, जो भारी-भरकम संरचनाओं को सुरक्षित एवं नियंत्रित ढंग से स्थापित करने में सक्षम है। इस विशाल क्रेन के विभिन्न हिस्सों को लगभग 110 ट्रेलरों के माध्यम से साइट तक पहुँचाया गया, जहाँ विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में सटीक एवं चरणबद्ध तरीके से असेम्बली कार्य संपन्न किया गया। यह प्रक्रिया अपने आप में अत्यंत जटिल एवं तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण थी। इस उन्नत तकनीक एवं सुव्यवस्थित योजना के उपयोग से न केवल कार्य की दक्षता में वृद्धि हुई, बल्कि समय की उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित हुई तथा उच्चतम सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन किया गया। कार्य के सफल निष्पादन हेतु मणिनगर–अहमदाबाद रेलखंड पर लगभग 03 घंटे 30 मिनट का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया। इस अवधि के दौरान सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया तथा ब्लॉक समाप्ति के पश्चात रेल यातायात को सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया। इस प्रकार के जटिल कार्य के लिए पूर्व नियोजित चरणबद्ध तकनीकी प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें प्री-कास्टिंग, लिफ्टर अटैचमेंट, ट्रायल लिफ्टिंग, क्रेन पोजिशनिंग, सुपर-लिफ्ट ऑपरेशन, बीम लिफ्टिंग एवं अंतिम स्थापना जैसे सभी महत्वपूर्ण चरणों का समुचित समन्वय किया गया। इसके अतिरिक्त, कार्य क्षेत्र में उपस्थित ओएचई (ओएचई), सिग्नलिंग उपकरणों एवं अन्य अवरोधों का वैज्ञानिक प्रबंधन एवं आवश्यकतानुसार अस्थायी विस्थापन एवं पुनर्स्थापन सुनिश्चित किया गया। परियोजना के आगामी चरणों में इसी प्रकार के अन्य पोर्टल बीमों—पी06, पी07, पी08 एवं पी09—का प्रक्षेपण भी निर्धारित है, जिन्हें लगभग प्रत्येक 6 दिनों के अंतराल पर क्रमिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इन सभी पोर्टल बीमों का वजन लगभग 1070 टन से 1110 टन के मध्य है तथा इन्हें उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्मित किया गया है। मुम्बई से आने वाली बुलेट ट्रेन का एलाइन्मेंट मणिनगर क्षेत्र में पारंपरिक रेलवे के तीनों ट्रैकों (यूपी, डीएन एवं तीसरी लाइन) को क्रॉस करते हुए ओल्ड रेलवे कॉलोनी क्रिकेट ग्राउंड, कांकरीया क्षेत्र से होकर गुजरता है तथा आगे अहमदाबाद स्टेशन होते हुए साबरमती मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब की दिशा में अग्रसर होता है। इस संदर्भ में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने ट्वीट के माध्यम से उल्लेख किया कि - “गुजरात के मणिनगर में बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत सबसे भारी गिर्डर्स में से एक का सफल प्रक्षेपण किया गया है। इसका वजन लगभग 1,360 मीट्रिक टन है तथा इसे मात्र 3.5 घंटे के निर्धारित समय में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।” उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की अत्याधुनिक हेवी-लिफ्ट तकनीक के उपयोग से पारंपरिक विधियों की तुलना में कार्य की गति, सटीकता एवं सुरक्षा स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे एवं हाई स्पीड रेल परियोजना के अंतर्गत आधुनिक अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। सतीश/08 अप्रैल