राष्ट्रीय
08-Apr-2026


:: आसाराम के बेटे को इंदौर फैमिली कोर्ट का बड़ा झटका; 3 महीने में पत्नी को देनी होगी स्थायी भरण-पोषण राशि :: इंदौर (ईएमएस)। स्वघोषित आध्यात्मिक गुरु आसाराम बापू के बेटे और बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई को इंदौर की एक पारिवारिक अदालत (फैमिली कोर्ट) से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने नारायण साई की पत्नी जानकी हरपलानी की तलाक याचिका को मंजूरी देते हुए विवाह विच्छेद (तलाक) की डिक्री जारी कर दी है। साथ ही, कोर्ट ने नारायण साई को आदेश दिया है कि वह अपनी पत्नी को 2 करोड़ रुपये की स्थायी भरण-पोषण राशि तीन महीने के भीतर अदा करे। जानकी हरपलानी के अधिवक्ता अनुरागचंद्र गोयल ने बताया कि जानकी और नारायण साई का विवाह साल 2008 में हुआ था। उनकी कोई संतान नहीं है। जानकी ने साल 2018 में इंदौर के कुटुंब न्यायालय में तलाक की याचिका दायर की थी। याचिका में नारायण साई पर मानसिक क्रूरता और अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए 5 करोड़ रुपये के एकमुश्त गुजारा भत्ते की मांग की गई थी। हालांकि, नारायण साई ने इन आरोपों को अदालत में खारिज किया था, लेकिन जानकी के वकील ने ठोस दस्तावेजी सबूत पेश किए। अधिवक्ता गोयल के अनुसार, साल 2018 में ही कोर्ट ने नारायण साई को अपनी पत्नी को 50,000 रुपये मासिक भरण-पोषण देने का अंतरिम आदेश दिया था। लेकिन पिछले 8 सालों में नारायण साई की ओर से एक रुपया भी नहीं दिया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 अप्रैल को तलाक की डिक्री जारी कर दी। :: कड़ी सुरक्षा में हुई थी पेशी :: हाल ही में 24 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान नारायण साई को गुजरात की सूरत जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच इंदौर कोर्ट लाया गया था, जहाँ उसका बयान दर्ज किया गया था। वर्तमान में नारायण साई बलात्कार के मामले में सूरत जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि नारायण साई को 2 करोड़ रुपये की यह राशि अगले तीन महीने के भीतर जमा करानी होगी। इस फैसले के बाद जानकी हरपलानी और नारायण साई का 18 साल पुराना वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। प्रकाश/08 अप्रैल 2026