क्षेत्रीय
08-Apr-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) की गुरु घासीदास विश्वविद्यालय इकाई द्वारा राष्ट्रीय संयुक्त संगठन सचिव गुंथा लक्ष्मण के साथ एक संवाद सत्र का आयोजन गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के रजत जयंती सभागार में किया गया। इस सत्र में गुंथा लक्ष्मण ने वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत को सजग और सशक्त बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका पर जोर दिया। संवाद सत्र का विषय ग्लोबल जियोपोलिटिकल सिनेरियो एंड द पर्सपेक्टिव ऑफ इंडियन एकेडमिया था। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। सौराष्ट्र विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रोफेसर नीलांबरी दवे मुख्य अतिथि थीं। एबीआरएसएम के विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष प्रोफेसर रामकृष्ण प्रधान ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रोफेसर शैलेन्द्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन दिया। प्रोफेसर प्रधान ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर नीलांबरी दवे ने एबीआरएसएम के कार्यों का उल्लेख करते हुए वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य और भारत के समक्ष चुनौतियों पर प्रकाश डाला, और सभी को सीखने, समझने व सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। मुख्य वक्ता गुंथा लक्ष्मण ने शिक्षकों को केवल अध्ययन-अध्यापन तक सीमित न मानते हुए, चाणक्य के समान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने ईरान, इजरायल और अमेरिका युद्ध के संदर्भ में नैरेटिव के महत्व पर चर्चा की, और शिक्षाविदों से कक्षाओं में पूर्वाग्रह मुक्त तथ्यात्मक चर्चा का आग्रह किया ताकि विद्यार्थी वैश्विक परिदृश्य से परिचित हो सकें। लक्ष्मण ने मौजूदा युद्ध के भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव और होरमुज के भविष्य में बंद होने की संभावना के प्रति सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने पाकिस्तान के आतंकवादी हमलों तथा चीन की विस्तारवादी सोच का भी उल्लेख किया। युवाओं में जानकारी की कमी को एक चुनौती बताते हुए, उन्होंने देश के शत्रु व मित्र की पहचान पर बल दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत तीसरी आर्थिक शक्ति बनने और सूचना प्रौद्योगिकी में शीर्ष पर है, किंतु कुछ शक्तियां इसे कमजोर करना चाहती हैं, जिनका सामना मिलकर करना होगा। उन्होंने युवाओं से सामूहिक प्रयास से 2047 से पहले विकसित भारत का सपना साकार करने का आह्वान किया। लक्ष्मण ने एबीआरएसएम के शिक्षकों के लिए वेतन व पदोन्नति संबंधी प्रयासों का भी जिक्र किया, जिससे संगठन के सदस्यों की संख्या 13 लाख से अधिक हो गई है। कार्यक्रम के अंत में लक्ष्मण ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम), गुरु घासीदास विश्वविद्यालय इकाई के महामंत्री डॉक्टर संतोष ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद सत्र में विभिन्न संकाय के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। मनोज राज 08 अप्रैल 2026