क्षेत्रीय
09-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। बाजार में केमिकल से पकाए गए आम, केले और पपीते की भरमार है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से फल समय से पहले पकाए जाते हैं, जिससे लिवर और किडनी को नुकसान हो सकता है। गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है। मौसम करवटें ले रहा है। बारिश हो रही है। तेज हवा के चलते आम के बौर झड़ रहे हैं। आम के बगीचों के मालिक नुकसान की बात कह रहे हैं। मगर बाजार में पके आम की खेप आने लगी है। ऐसे में आम खाने के शौकीनों को सतर्क रहना होगा। कारण, यह मौसम का नहीं केमिकल का कमाल है। यही नहीं केले और पपीते का भी कुछ यही हाल है। हर मौसम का एक फल होता है। मौसम के अनुसार, फल की आवक होने पर उसका दाम संतुलित रहता हे। मगर मुनाफाखोर उसी फल को समय से पहले बाजार में लाकर दो से तीन गुनी कमाई करते हैं। आम के साथ भी यही हो रहा है। बाजार में आम ठेलों पर दिखने लगे हैं। मगर उनकी चमक बनावटी है। उनमें कोई सुगंध नहीं हैं। आंखों के करीब आने उसे लाने पर जलन सी महसूस होती है। केमिकल से पकाये गए इन आमों को खाकर जाने अंजाने में लोग बीमारी के करीब जा रहे हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/09/ अप्रैल /2026