दुबई(ईएमएस)। ग्लैमर और मनोरंजन की चमकती दुनिया के पीछे अक्सर अपराध का ऐसा काला अंधेरा छिपा होता है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। म्यूजिक इंडस्ट्री में एक सफल व्यवसायी के रूप में पहचान बनाने वाले राव इंद्रजीत सिंह की दुबई में गिरफ्तारी ने इस कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि यह उस गहरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है जहाँ संगीत की धुनें संगठित अपराध के साथ मिलकर खतरनाक साजिशें रचती हैं। दुबई पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई की जानकारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को साझा की गई है, जिसके बाद हरियाणा एसटीएफ अब उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। बताया जा रहा है कि इंटरपोल के माध्यम से मिले इनपुट के बाद उसकी घेराबंदी की गई थी। राव इंद्रजीत पिछले काफी समय से दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में हुई कई संगीन आपराधिक वारदातों में मुख्य आरोपी रहा है। कानून के शिकंजे से बचने के लिए वह वर्ष 2025 में देश छोड़कर दुबई फरार हो गया था और वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। राव इंद्रजीत सिंह का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। हरियाणा के कोसली का रहने वाला इंद्रजीत जेम्स ट्यून नाम की एक मशहूर म्यूजिक कंपनी का मालिक था। म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े चेहरों और सेलिब्रिटीज के साथ उसकी तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरती थीं, लेकिन इसी रसूख की आड़ में उसने अंडरवर्ल्ड की दुनिया में अपनी पैठ बना ली थी। आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी में उसकी करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था, जिसे बाद में कुर्क कर लिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इंद्रजीत केवल वित्तीय अपराधों तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली- एनसीआर में हुई फिरौती, फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी उसकी संलिप्तता पाई गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप ने उसकी असलियत की परतें खोल दीं, जिसमें वह कुख्यात भाऊ गैंग के गुर्गों के साथ बातचीत करता सुनाई दिया था। इस खुलासे ने स्पष्ट कर दिया कि वह ग्लैमरस पहचान के पीछे छिपकर एक खतरनाक गैंग का संचालन कर रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी से उम्मीद जगी है कि दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट के कई अन्य गहरे राज भी सामने आएंगे। वीरेंद्र/ईएमएस/09अप्रैल2026