तेहरान,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों के युद्धविराम की घोषणा हुई है। इस समझौते के साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज के मुख्य रास्ते में समुद्री सुरंगों यानी माइन्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए जहाजों के लिए वैकल्पिक समुद्री रास्ते तैयार किए गए हैं। इन नए रास्तों के माध्यम से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने की योजना है। ईरान की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, होर्मुज में प्रवेश करने वाले जहाजों को अब ओमान सागर से लारक द्वीप के उत्तरी हिस्से से होकर फारस की खाड़ी की ओर बढ़ना होगा। वहीं, बाहर निकलने वाले जहाजों के लिए फारस की खाड़ी से लारक द्वीप के दक्षिणी हिस्से से गुजरते हुए ओमान सागर की ओर जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है। यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि फरवरी में इजरायल और अमेरिका के साथ संघर्ष के दौरान ईरान ने तेल और कार्गो जहाजों को रोकने के लिए समुद्र में अदृश्य माइन्स बिछा दी थीं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने इन नए रास्तों का आधिकारिक नक्शा भी जारी किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाज इन खतरनाक क्षेत्रों से बच सकें। होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। यहां किसी भी तरह का व्यवधान सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। हालांकि, वैकल्पिक रास्तों के बावजूद होर्मुज पर संकट के बादल पूरी तरह छंटे नहीं हैं। सीजफायर समझौते के तुरंत बाद लेबनान पर हुए इजरायली हमलों, जिनमें 250 से अधिक लोगों की जान गई, ने स्थिति को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है। इस हमले से नाराज ईरान ने एक बार फिर जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंधों के संकेत दिए हैं। वहीं, हिज्बुल्लाह ने भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सीजफायर की शर्तों में लेबनान को शामिल नहीं किया गया, तो यह समझौता किसी भी समय टूट सकता है। फिलहाल, होर्मुज जलमार्ग अस्थायी रूप से खुला जरूर है, लेकिन इस पर पूर्ण नियंत्रण अब भी ईरान के पास ही है और जहाजों को उसकी अनुमति के बिना गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ऐसे में वैश्विक समुदाय की नजरें इस अस्थिर शांति पर टिकी हुई हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/09अप्रैल2026