ज़रा हटके
11-Apr-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। मध्य पूर्व के युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच अमेरिका के लिए प्रकृति की ओर से एक राहत भरी खबर आई है। मौसम वैज्ञानिकों ने भविष्यवाणी की है कि 2026 का अटलांटिक हरिकेन सीजन (1 जून से 30 नवंबर) उम्मीद से कम सक्रिय रहेगा। कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी और क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, इस साल एल नीनो प्रभाव के कारण तूफानों की संख्या और उनकी तीव्रता में भारी गिरावट आने की संभावना है। यह उन तटीय इलाकों के लिए बड़ी खबर है जो हर साल समुद्री आफत के साए में जीते हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगस्त से अक्टूबर के बीच, जब तूफान अपने चरम पर होते हैं, तब एल नीनो का प्रभाव सबसे ज्यादा दिखेगा। इस साल कुल 13 उष्णकटिबंधीय तूफान आने की आशंका है, जिनमें से केवल 6 हरिकेन बन सकते हैं। बड़े हरिकेन (श्रेणी-3 या उससे ऊपर) की संख्या महज 2 रहने की उम्मीद है। यह पिछले 30 सालों के औसत से काफी कम है। एल नीनो के कारण चलने वाली तेज हवाएं तूफानों को बनने से पहले ही तोड़ने में सक्षम होती हैं, जिससे तटीय क्षेत्रों पर मंडराता खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि कम सक्रिय का मतलब खतरा टलना नहीं है। पिछले साल 2025 में 13 तूफानों ने करीब 9 अरब डॉलर का नुकसान किया था और 126 जानें ली थीं। भले ही इस साल तूफानों की संख्या कम हो, लेकिन अगर एक भी बड़ा तूफान आबादी वाले इलाके से टकराता है, तो वह भारी तबाही मचा सकता है। प्रशासन ने तटीय इलाकों के लोगों को सलाह दी है कि वे एल नीनो के भरोसे न रहें और अपनी सुरक्षा की सामान्य तैयारियां पूरी रखें। फिलहाल, समुद्री मोर्चे पर यह खबर अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक राहत साबित हो सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस 11 अप्रैल 2026