क्षेत्रीय
11-Apr-2026


ग्वालियर ( ईएमएस ) | सिंधिया स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय 9वें सिंधिया मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (SCIMUN) 2026 का सफल एवं रंगारंग शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देशभर के 25 विद्यालयों से आए लगभग 350 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह आयोजन वैश्विक मुद्दों पर बौद्धिक विमर्श, कूटनीति और युवाओं के नेतृत्व वाले संवाद का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ। इस वर्ष सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के निदेशक श्री डैरिन फैरेंट तथा फिनलैंड के राजदूत महामहिम श्री किम्मो लाहदेविर्ता शामिल थे। उनके प्रेरणादायक संबोधनों ने प्रतिभागियों को वैश्विक शासन और कूटनीति के प्रति गंभीर एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त राष्ट्र सूचना केंद्र (UNIC) भारत एवं भूटान के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय जागरूकता और युवाओं की सार्थक भागीदारी को और सुदृढ़ किया। सम्मेलन में 9 विभिन्न समितियों का संचालन किया गया, जिनका आधार विषय था— “द कॉस्ट ऑफ़ पॉवर : अलाइनिंग विथ द वर्ल्ड स्ट्रक्चर इन टुडेज़ टाईम” (“The Cost of Power: Aligning with the World Structure in Today’s Times”।) प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय संबंध, सुरक्षा, वैश्विक स्वास्थ्य, आर्थिक ढाँचा और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। चर्चाओं में उच्च स्तरीय शोध, विश्लेषणात्मक सोच और समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। सिंधिया मॉडल यूनाइटेड नेशंस 2026 की एक विशेषता इम्पालमेंटर की एक्जीक्यूटिव बोर्ड टीम द्वारा प्रदान किया गया मार्गदर्शन रहा, जिसका नेतृत्व श्री राहुल मेनन ने किया। उनके निर्देशन ने छात्रों को संरचित अधिगम, प्रभावी बहस और अकादमिक उत्कृष्टता की ओर अग्रसर किया। यह सम्मेलन केवल वाद-विवाद तक सीमित न रहकर नेतृत्व, वार्ता-कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और सामूहिक समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण गुणों के विकास का माध्यम भी बना। सिंधिया मॉडल यूनाइटेड नेशंस 2026 ने एक बार पुनः यह सिद्ध किया कि यह मंच जागरूक, अभिव्यक्तिशील और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले युवा नेताओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह कार्यक्रम प्राचार्य अजय सिंह, उप-प्राचार्या श्रीमती स्मिता चतुर्वेदी एवं एमयूएन समन्वयक डॉ. रुचिरा जी. चावला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिनके नेतृत्व ने सम्मेलन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।