उल्हासनगर, (ईएमएस)। भारत सरकार द्वारा संचालित ‘भारत की जनगणना 2027’ जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के पहले चरण (एचएलओ) की तैयारियां अब तेज़ी से शुरू हो गई हैं। जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4, 5 और 7 तथा जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के अनुसार फील्ड ट्रेनर्स (एफटी) की विधिवत नियुक्ति की गई है। इसी क्रम में 10 अप्रैल 2026 को उल्हासनगर के कैंप दो, सिंधू भवन में फील्ड ट्रेनर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स (एमटी) द्वारा सभी नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स को विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक को प्रशिक्षित करने के लिए फील्ड ट्रेनर्स की क्षमता विकसित करना है। * प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएं - प्रशिक्षण प्रणाली यह प्रशिक्षण ‘कैस्केड मॉडल’ पर आधारित है, जिसके तहत फील्ड ट्रेनर्स को डिजिटल तकनीक और फील्ड वर्क दोनों का प्रशिक्षण दिया गया। - डिजिटल पहल प्रशिक्षण के दौरान जनगणना मोबाइल ऐप (HLO Mobile App) के उपयोग का डेमो दिया गया और इसके तकनीकी पहलुओं को समझाया गया। - मानचित्रण कार्य घर-घर सर्वेक्षण और हाउस लिस्टिंग (एचएलओ) के लिए आवश्यक लेआउट मैप तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। - अनुशासन और जिम्मेदारी सभी जनगणना कर्मियों को ‘लोक सेवक’ (Public Servant) बताया गया और उन्हें डेटा की गोपनीयता बनाए रखने तथा अपने कानूनी दायित्वों का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला और महानगरपालिका स्तर के वरिष्ठ जनगणना अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के बाद फील्ड ट्रेनर्स अब अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणक और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित कर इस राष्ट्रीय कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। संतोष झा-११ अप्रैल/२०२६/ईएमएस