:: मुख्यमंत्री बोले- बेशर्मी से इनकार करना कांग्रेस का चरित्र, जीतू पटवारी से मांगा इस्तीफा :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। इंदौर नगर निगम में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन को लेकर उपजा विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना खान द्वारा इस्लामिक मान्यताओं का हवाला देते हुए वंदे मातरम् गाने से इनकार करने पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से और बेशर्मी के साथ राष्ट्रगीत का अपमान करना कांग्रेस के असली चरित्र को उजागर करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधे तौर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ऐसे देश विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित करने की नीति क्यों अपना रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि जीतू पटवारी के गृह जिले में उनके ही दल की पार्षद भारत माता की जय और वंदे मातरम् कहने से इनकार कर रही हैं, ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व खामोश क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से वंदे मातरम् के खंड करने और दोहरे चरित्र की राजनीति में लिप्त रही है। मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि यदि प्रदेश नेतृत्व कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए। :: पटवारी का पलटवार- नहीं चाहिए देशभक्ति का प्रमाणपत्र :: विवाद बढ़ता देख प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के डीएनए में राष्ट्रगीत और संविधान बसा है। उन्होंने कटाक्ष किया कि जिन्होंने दशकों तक अपनी मातृ संस्था में तिरंगा नहीं फहराया, वे कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ न पढ़ाएं। दोनों पार्षदों के मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय पार्टी की अनुशासन समिति के विचाराधीन है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। पटवारी ने यह भी तर्क दिया कि राष्ट्रगीत गाना या चुप रहना संवैधानिक अधिकार है। :: सियासी पारा चढ़ा :: मुख्यमंत्री द्वारा जीतू पटवारी और उनकी पूरी टीम से इस्तीफे की मांग के बाद शहर का सियासी पारा चरम पर है। कांग्रेस ने इसे भाजपा का राजनीतिक स्टंट और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है। शनिवार को हुई इस तीखी बयानबाजी के दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई दिग्गज कांग्रेसी नेता उपस्थित थे। जानकारों का मानना है कि आगामी नगर निगम बैठकों और विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामे के आसार हैं। प्रकाश/11 अप्रैल 2026