राष्ट्रीय
12-Apr-2026


:: मर्यादा पर सवाल : 82 वर्षीय पूर्व डीएसपी से बदसलूकी और आर्म्स एक्ट की कार्रवाई ने गरमाया महकमे का पारा :: इंदौर/पन्ना (ईएमएस)। मध्यप्रदेश पुलिस के भीतर संवेदनशीलता और अनुशासन के बीच एक नया द्वंद्व खड़ा हो गया है। पन्ना जिले में एक 82 वर्षीय सेवानिवृत्त डीएसपी और उनकी पत्नी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कथित अभद्रता ने महकमे के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर पूर्व अफसर इसे बुजुर्गों का अपमान बता रहे हैं, वहीं पन्ना पुलिस बॉडी-वॉर्म कैमरे की फुटेज के आधार पर अपनी कार्रवाई को न्यायसंगत ठहरा रही है। :: सीटबेल्ट से शुरू हुआ विवाद, जेल तक पहुँची बात :: घटना दो दिन पूर्व की है, जब सेवानिवृत्त डीएसपी भरत सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ पन्ना से ग्वालियर की ओर जा रहे थे। मदला थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान उन्हें सीटबेल्ट न लगाने पर रोका। आरोप है कि इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग दंपत्ति के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया। - लंबी कस्टडी : सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी संघ का कहना है कि दोपहर 12 बजे रोके जाने के बाद शाम 7 बजे तक बुजुर्ग दंपत्ति को कोर्ट में पेश नहीं किया गया, जो मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। - अपराध का ठप्पा : 82 वर्ष के बुजुर्ग पर आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाने को पूर्व अधिकारियों ने दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। :: इंदौर में लामबंद हुए पूर्व अफसर, आज डीजीपी को ज्ञापन :: इस घटना की आंच अब इंदौर तक पहुँच गई है। रिटायर्ड गजटेड पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव गिरीश सूबेदार ने इसे खाकी का काला अध्याय बताया है। सोमवार को इंदौर के करीब तीन दर्जन पूर्व पुलिस अधिकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। उनकी मांग है कि बुजुर्गों के साथ ऐसा अशोभनीय कृत्य करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए। :: पुलिस प्रशासन का पक्ष :: विवाद बढ़ता देख पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की कार्रवाई नियमों के दायरे में थी। उन्होंने कहा कि पुलिस के बॉडी-वॉर्म कैमरों में पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड है, जो पब्लिक डोमेन में भी उपलब्ध है। एसपी का तर्क है कि लोकतंत्र में सबको विरोध का अधिकार है, लेकिन वीडियो साक्ष्य ही असलियत बयां करेंगे कि मर्यादा की सीमा किसने लांघी। यह एक सुपर सीनियर सिटीजन के साथ किया गया क्रूर व्यवहार है। हम वर्दी का सम्मान करते हैं, लेकिन वर्दी की आड़ में बुजुर्गों के साथ ऐसा सलूक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। — गिरीश सूबेदार, सचिव, रिटायर्ड गजटेड पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रकाश/12 अप्रैल 2026