नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2.0 को पब्लिक और विशेषज्ञों की राय, सुझाव औरआपत्तियों के लिए पब्लिक डोमेन में डाल दी है। नई ईवी पॉलिसी में ऑटो-रिक्शा समेत इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रस्ताव दिया गया है। नई ईवी पॉलिसी में यह भी साफ किया गया है कि दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना (2023) के दूसरे प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। दिल्ली सरकार ने राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है। सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2.0 को पब्लिक और विशेषज्ञों की राय, सुझाव और आपत्तियों के लिए पब्लिक डोमेन में डाल दी है। इसी क्रम में तय किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऐप आधारित सामान, फूड सप्लाई आपूर्ति और यात्रा की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनियों (एग्रीगेटर) के इस साल से अपने बेड़े में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन शामिल करने पर रोक लगेगी, जबकि 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा को ही नए पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। यह बात दिल्ली सरकार ने जारी ईवी पॉलिसी के ड्राफ्ट में साफ गई है। दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-2030 के ड्राफ्ट में प्रस्ताव किया गया कि इस साल एक जनवरी से एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं द्वारा संचालित दोपहिया वाहनों और हल्के मालवाहक वाहनों के मौजूदा बेड़े में पूरी तरह से पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले किसी भी पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (आइसीइ) वाहन को शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि, एग्रीगेटर को फ्लीट में बीएस -6 उत्सर्जन मानक वाले दोपहिया वाहनों को शामिल करने की इजाजत 31 दिसंबर, 2026 तक होगी, जिसके बाद उन्हें अपनी फ्लीट को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक व्हीकल से बदलना जरूरी होगा। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/अप्रैल /2026