क्षेत्रीय
13-Apr-2026


मुरैना ( ईएमएस ) | मुरैना जिले में यह संज्ञान में आया है कि जिलेवासी विभिन्न धार्मिक त्यौहारों को बड़ी संख्या में एकत्रित होकर उत्साहपूर्वक मनाते हैं, किन्तु विगत वर्षों में छोटे-छोटे विवादों के कारण सांप्रदायिक एवं जातिगत तनाव की स्थितियां भी निर्मित हुई हैं। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जा सकता है, जिससे वर्ग विशेष की भावनाएं आहत होकर प्रतिकूल परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। जनहित में इस प्रकार की गतिविधियों की रोकथाम आवश्यक है। इस संबंध में जिला दण्डाधिकारी श्री लोकेश कुमार जांगिड ने मुरैना जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर, एसएमएस, इंस्टाग्राम आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक या जातिगत भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री प्रसारित नहीं करेगा। किसी भी प्रकार के पोस्ट, संदेश, चित्र, ऑडियो या वीडियो, जिनसे साम्प्रदायिक विद्वेष या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, का प्रसारण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त आपत्तिजनक नारेबाजी, उन्माद फैलाने वाले भाषण, भड़काऊ पर्चे छपवाना या वितरित करना तथा विद्वेष फैलाने वाले पोस्टर-बैनर लगाना, हटाना या इसके लिए प्रेरित करना भी प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी महिला, अल्पसंख्यक वर्ग या जाति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करना तथा अफवाह फैलाना भी वर्जित रहेगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे भड़काऊ पोस्ट को सोशल मीडिया पर लाइक या फॉरवर्ड नहीं करेगा। संबंधित ग्रुप के एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह इस प्रकार की सामग्री को रोकें। मुरैना जिले की राजस्व सीमा में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक भाषा या भड़काऊ नारों के लिए प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी रैली या संगठन द्वारा शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना वर्जित होगा तथा शस्त्र लेकर चलना भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक शांति, सुरक्षा एवं साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से सूचित करना संभव नहीं है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के पालन हेतु समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधिकारी, कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं थाना प्रभारी, जिला मुरैना को अधिकृत किया गया है। यह आदेश 12 अप्रैल से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।