भोपाल (ईएमएस) । पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (ष्टक्चढ्ढ) से जांच कराने की मांग की है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा उपस्थित रहे। भारती ने बताया कि वर्ष 2008 में डबरा विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (स्ष्ट) के लिए आरक्षित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा दतिया से चुनाव लड़ने पहुंचे। उस दौरान उनके द्वारा कथित रूप से निर्वाचन आचार संहिता का उल्लंघन किया गया, जिसके चलते उनके खिलाफ पांच प्रकरण दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में उन्होंने निर्वाचन आयोग में मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद नामांकन फार्म के साथ निर्वाचन आयोग में दिए गए शपथ पत्र (एफिडेविट) के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। भारती का आरोप है कि इसी के बाद उनके और उनके परिवार एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना के चलते षड्यंत्रपूर्वक कार्रवाई की गई, व्यवसाय बंद करवाए गए और झूठे प्रकरण दर्ज कराए गए। राजेंद्र भारती के अनुसार, वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले भोपाल स्थित चार इमली क्षेत्र में उनकी नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात हुई, जहां उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और करोड़ों रुपये के प्रलोभन के साथ झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि विकास बैंक से संबंधित एक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) प्रकरण में भी राजनीतिक दबाव डालकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई गई। इस मामले में सहकारिता अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता (ष्टह्म्क्कष्ट) और भारतीय दंड संहिता (ढ्ढक्कष्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए साजिश रची गई। भारती ने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जहां से पुन: जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गवाहों पर दबाव बनाया गया, उन्हें जबरन पुलिस वाहन में ग्वालियर ले जाया गया और न्यायालयीन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण में कुछ अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों की भी संदिग्ध भूमिका रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग के उस बयान का खंडन किया, जिसमें करोड़ों रुपये के घोटाले की बात कही गई थी। भारती ने कहा कि न तो हाई कोर्ट और न ही सहकारिता विभाग के किसी दस्तावेज में इस तरह के घोटाले का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्य के उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। राजेंद्र भारती ने मांग की कि विश्वास सारंग सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।अंत में राजेंद्र भारती ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए ष्टक्चढ्ढ से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सत्य सामने आ सके। इस अवसर पर पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि देर रात विधानसभा खोलकर रातों-रात विधायक की सदस्यता निरस्त करना गैर-संवैधानिक है और संवैधानिक मूल्यों पर कुठाराघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से अराजक व्यवहार अपना रही है। जहां भाजपा के नेताओं पर दर्ज प्रकरणों के बावजूद उनकी सदस्यता समाप्त नहीं की जाती, वहीं कांग्रेस के विधायकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा सहित कई भाजपा नेताओं पर प्रकरण दर्ज होने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि कांग्रेस विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के निर्णय रातों-रात लिए जाते हैं। उन्होंने निर्मला सप्रे, सचिन बिरला और प्रहलाद लोधी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए इस पर सवाल उठाए। आशीष पाराशर/13 अप्रैल2026