नई दिल्ली (ईएमएस)। देश के बड़े समाज सुधारकों में से एक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो इस पूरे अभियान का मार्गदर्शन और निगरानी करेगी। गठित समिति में कुल 126 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद को भी सदस्य बनाया गया है। समिति में राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा कई राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को भी इस समिति में जगह दी गई है। समिति में विधानसभा चुनाव वाले राज्यों और बिहार को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सदस्य बनाए गए हैं। बिहार से मुख्यमंत्री को समिति में शामिल नहीं किया गया है, बल्कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा अशोक गहलोत, मायावती और उपेन्द्र कुशवाहा को भी समिति का सदस्य बनाया गया है। सरकार ने शनिवार को इस दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह आयोजन 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्यक्रम को दिशा देने और इसकी निगरानी के लिए गठित समिति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में काम करेगी। यह भी बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति ने इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम को मंजूरी दी है। सुबोध/१३ -०४-२०२६