राज्य
16-Apr-2026
...


रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में शराब की पैकेजिंग को लेकर सरकार की नई प्लास्टिक (PET) बोतल पॉलिसी विवादों में घिर गई है। इस फैसले के विरोध में डिस्टिलर्स और बोतल एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है, जिसका असर अब सीधे उपभोक्ताओं पर दिखने लगा है।प्रदेश की कई सरकारी शराब दुकानों में सस्ती शराब की सप्लाई घट गई है या पूरी तरह बंद हो गई है। खासकर देसी और लो-कॉस्ट विदेशी ब्रांड्स की कमी से ग्राहकों को परेशानी हो रही है। सरकार कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री लागू करना चाहती है। सरकार का तर्क है कि इससे लॉजिस्टिक्स आसान होगा, टूट-फूट कम होगी और ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी। वहीं, डिस्टिलर्स और बोतल निर्माता कंपनियों का कहना है कि फैसला जल्दबाजी में लिया गया है और इससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। विरोध के चलते कई कंपनियों ने उत्पादन और सप्लाई धीमी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद के बीच फील्ड स्तर पर भी खींचतान बढ़ गई है और कुछ जगहों पर शराब दुकानों के बाहर चालानी कार्रवाई तेज कर दी गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बॉटलिंग एसोसिएशन का दावा है कि इस नीति से करीब 15 लाख परिवार प्रभावित हो सकते हैं, खासकर वे जो कांच की बोतलों की रीसाइक्लिंग से जुड़े हैं। फिलहाल, इस नीति को लेकर जारी टकराव में सबसे ज्यादा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। - सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 अप्रैल 2026