राष्ट्रीय
17-Apr-2026
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-पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलेगा नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश में मौसम का मिजाज हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ तेज धूप, चुभती गर्मी और लू का खतरा लोगों को बेहाल कर रहा है तो दूसरी तरफ अचानक बदलता मौसम राहत की उम्मीद भी जगा रहा है। दिल्ली से लेकर बिहार तक जहां बादलों की हलचल और आंधी-बारिश के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। सुबह और शाम हल्की राहत मिलती है, लेकिन दोपहर की तपिश लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट ने इस स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है। आने वाले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं और हर क्षेत्र में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिलेगा। कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश होगी तो कहीं लू का कहर और ज्यादा तेज हो जाएगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलेगा, जबकि मैदानी इलाकों में आंशिक राहत के बावजूद गर्मी बनी रहेगी। कई जगहों पर बादलों की आवाजाही से तापमान में हल्की गिरावट आएगी, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई रेड जोन में पहुंच गया है। ऐसे में दिल्ली एनसीआर के निवासियों के लिए इस हफ्ते में दोहरी मुसीबत पैदा हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक 15 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 36 डिग्री से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 21 से बढ़कर 23 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यूपी में गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है और हालात धीरे-धीरे गंभीर होते जा रहे हैं। राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। बांदा जैसे जिलों में तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जो लू की स्थिति को और खतरनाक बना रहा है। दिन के समय तेज पछुआ हवाएं चल रही हैं, जो गर्मी को और ज्यादा तीखा बना देती हैं। खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और बाहर निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। फिलहाल बारिश की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। बिहार में मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ है, जहां गर्मी के बीच कुछ राहत के संकेत भी मिल रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। अगले 48 घंटों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इससे तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। यह बदलाव खासकर शाम और रात के समय लोगों को कुछ राहत देगा। हालांकि दिन के समय गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा। पटना समेत कई जिलों में तापमान 38 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसके 41 डिग्री तक जाने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं, जबकि शाम के समय उमस बेचैनी को और बढ़ा देती है। आईएमडी ने अगले दो दिनों के दौरान आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही का अनुमान जताया है, इससे हल्की बूंदाबांदी या गरज के साथ बारिश हो सकती है। इससे अस्थायी राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब बनी हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए एक अतिरिक्त चिंता का कारण है। राजस्थान में गर्मी ने लोगों का हाल-बेहाल कर दिया है और तापमान लगातार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। बाड़मेर जैसे इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, इससे हीटवेव की स्थिति बन गई है। दिन के समय गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं और रात में भी राहत नहीं मिल रही है। हालांकि 17 अप्रैल से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है। जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जैसे क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन यह राहत सीमित और अस्थायी होगी, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के लिए जारी अलर्ट में शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 8 जिलों में गर्म हवाओं के थपेड़े चलने की संभावना है। इसमें भोपाल, नर्मदापुरम, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिले शामिल हैं। कई जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रह सकता है। उत्तराखंड में निचले इलाकों में गर्मी का असर बढ़ रहा है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना है। देहरादून, हरिद्वार जैसे क्षेत्रों में तापमान बढ़ रहा है, इससे लोगों को परेशानी हो रही है। हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम अचानक बदल सकता है। तेज हवाओं, बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा जैसे क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेंगे। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और हल्की बर्फबारी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बढ़ेगा, जबकि जम्मू क्षेत्र में गर्मी का असर बना रहेगा। दक्षिण भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। लू के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। हालांकि, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में आंधी और बारिश के संकेत हैं, इससे थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की राहत जरूर मिलेगी, खासकर जहां बारिश और बादल छाने की संभावना है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी। तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी होगी। हीटवेव वह स्थिति होती है जब तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है और लगातार कई दिनों तक बना रहता है। यह शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है और डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। भारत में आमतौर पर मानसून जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचता है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है। इस बार भी सामान्य समय के आसपास मानसून आने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हीटवेव का खतरा ज्यादा है। वहीं पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का खतरा बना हुआ है। तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। पानी ज्यादा पिएं। हल्के कपड़े पहनें। आंधी-तूफान के दौरान खुले में खड़े न रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें। सिराज/ईएमएस 17अप्रैल26