-एलएनजी सप्लाई बाधित होने से कई पावर प्लांट ठप इस्लामाबाद,(ईएमएस)। खाड़ी देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब पाकिस्तान की ऊर्जा व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। गैस और एलएनजी सप्लाई में आई बाधा के कारण देश के कई एलएनजी आधारित बिजली संयंत्र ठप होने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जिससे पाकिस्तान एक बार फिर गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है। पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ओवैस लेघारी ने स्वीकार किया है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे बिजली उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में प्रतिदिन 6 से 7 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। सरकारी और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान इस समय लगभग 3,400 मेगावाट बिजली की कमी से जूझ रहा है। अप्रैल की शुरुआत में जहां मांग करीब 9,000 मेगावाट थी, वह बढ़कर लगभग 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिससे आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। स्थिति और गंभीर इसलिए हो गई है क्योंकि देश के लगभग 6,000 मेगावाट क्षमता वाले एलएनजी पावर प्लांट्स केवल 500 मेगावाट बिजली ही उत्पादन कर पा रहे हैं। इससे ऊर्जा संकट और गहरा गया है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने फर्नेस ऑयल जैसे महंगे ईंधन का उपयोग शुरू किया है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण बिजली आपूर्ति सामान्य करना कठिन हो रहा है। खासकर शाम के समय, जब बिजली की मांग चरम पर होती है, तब सबसे अधिक कटौती की जा रही है। आम जनता इस स्थिति की तुलना वर्ष 2011 के बिजली संकट से कर रही है, जब पाकिस्तान में व्यापक स्तर पर लंबे समय तक कटौती हुई थी। सोशल मीडिया पर लोग लगातार बिजली कटौती को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम ‘पीक रिलीफ स्ट्रैटेजी’ के तहत उठाया गया है ताकि सिस्टम पर दबाव कम किया जा सके और बिजली दरों में भारी वृद्धि से बचा जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जल विद्युत उत्पादन में कमी और गैस संकट ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है। कुल मिलाकर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव और एलएनजी आपूर्ति बाधित होने के चलते पाकिस्तान की ऊर्जा व्यवस्था एक बार फिर गंभीर दबाव में है, जिससे देश में लंबा बिजली संकट बनने की आशंका बढ़ गई है। हिदायत/ईएमएस 17अप्रैल26