क्षेत्रीय
17-Apr-2026


ग्वालियर ( ईएमएस ) | ग्वालियर जिले में पिछले दिनों हुई असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ा था। किसानों के हितों को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए गए । कृषि एवं राजस्व विभाग के अमले से प्रभावित फसल का सर्वेक्षण कराया गया था। सर्वें रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने केंद्र सरकार से गेहूं उपार्जन के एफ ए क्यू ( फेयर एवरेज क्वालिटी ) मापदंडों में ढील देने का अनुरोध किया था, जिसे भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है। जिला प्रशासन ने सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे शासन द्वारा दी गई इस विशेष छूट का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। किसान अपनी उपज बेचने के लिए अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र के लिए स्लॉट बुक करें और समर्थन मूल्य योजना के तहत अपनी फसल का उचित दाम प्राप्त करें। प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। जिले में समर्थन मूल्य पर अब तक 140 किसानों से 5 हज़ार 939 क्विंटल गेंहू, की खरीदी की जा चुकी है। जिले के 21 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से यह गेंहूँ उपार्जित किया गया है। किसानों को अब इन मापदंडों के अनुसार मिलेगी छूट जिले के उपार्जन केंद्रों पर अब समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी संशोधित मानकों के आधार पर की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठा सकें। केंद्र सरकार द्वारा दी गई शिथिलता के अनुसार छूट के मापदंड इस प्रकार हैं- चमक विहीन गेहूं - अब 50 प्रतिशत तक चमक विहीन गेहूं स्वीकार्य होगा। सिकुड़े एवं टूटे दाने - इसकी सीमा बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। क्षतिग्रस्त एवं आंशिक क्षतिग्रस्त दाने- दोनों को मिलाकर अधिकतम 6 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई है।