क्षेत्रीय
17-Apr-2026
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रायपुर (ईएमएस)। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में भर्ती को लेकर जारी गतिरोध गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए तुरंत निजी स्कूलों से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करनी चाहिए, ताकि बच्चों के एडमिशन में आ रही बाधा दूर हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरटीई के मूल उद्देश्य में अवरोध पैदा कर रही है। कांग्रेस ने विशेष रूप से आरटीई के भर्ती नियमों में किए गए बदलाव पर सवाल उठाए हैं। नए नियम के तहत नर्सरी के बजाय कक्षा 1 को प्रवेश कक्षा माना गया है, जिसे कांग्रेस और निजी स्कूल दोनों अव्यावहारिक बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे आरटीई के तहत गरीब बच्चों के लिए सीटें कम हो जाएंगी। इसके अलावा निजी स्कूलों ने फीस और सरकारी प्रतिपूर्ति में वर्षों से बढ़ोतरी न होने की समस्या भी उठाई है। कांग्रेस ने कहा कि बढ़ती लागत के बावजूद 11 साल से फीस नहीं बढ़ाई गई, जबकि बिलासपुर हाईकोर्ट ने 19 सितंबर 2025 को प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब प्रदेश के 6500 से अधिक निजी स्कूलों ने 28 जिलों में आरटीई के तहत भर्ती नहीं करने की लिखित सूचना जिला शिक्षा अधिकारियों को दे दी। स्कूलों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा, वे भर्ती प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार आरटीई सीटों में 70 प्रतिशत तक कटौती कर रही है, जिससे गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने मांग की है कि भर्ती नियमों में किए गए बदलाव को वापस लिया जाए और फीस व प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर सहमति बनाई जाए। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/17 अप्रैल 2026