क्षेत्रीय
17-Apr-2026
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सडक़, पुल-पुलिया, शाला व स्वास्थ्य भवनों की समीक्षा गुणवत्ता से समझौता नहीं, लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश बालाघाट (ईएमएस). जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर कलेक्टर मृणाल मीना ने अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने और लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में सबसे पहले सडक़ों के निर्माण और उन्नयन कार्यों की समीक्षा की गई। एनएचपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-543 के नैनपुर बायपास से बालाघाट बायपास तक 66 किमी लंबाई में उन्नयन कार्य प्रस्तावित है, जिसके लिए 844.53 करोड़ रुपए का संशोधित प्राक्कलन तैयार कर भोपाल भेजा गया है। वहीं गर्रा-वारासिवनी-तुमसर मार्ग (महाराष्ट्र सीमा तक) 51 किमी में उन्नयन कार्य भी प्रस्तावित है। इस पर कलेक्टर ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर कार्य को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। एमपीआरडीसी द्वारा संचालित सडक़ों की जानकारी में बताया गया कि वारासिवनी-लालबर्रा सडक़ का रखरखाव 2030 तक संबंधित फर्म द्वारा किया जाएगा। वारासिवनी-कटंगी सडक़ पूर्ण हो चुकी है, जबकि बैहर-लामता सडक़ के 50 किमी कार्य प्रस्तावित हैं। सिवनी-बालाघाट सडक़ के बीटी रिनिवल का कार्य पूर्ण हो गया है और इसे फोरलेन बनाने का डीपीआर तैयार है। कलेक्टर ने सभी सडक़ों के मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीआईयू, सेतु संभाग, पुलिस हाउसिंग बोर्ड, एमपी हाउसिंग बोर्ड, प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जनजातीय कार्य विभाग, सिंचाई एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शाला भवन, स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सडक़ों और पुल-पुलिया के कार्य समय सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन परियोजनाओं के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक है, उनके लिए परिवेश पोर्टल पर शीघ्र जानकारी अपलोड कर अनुमति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। भानेश साकुरे / 17 अप्रैल 2026