व्यापार
18-Apr-2026
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- भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के असर से सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया मुंबई (ईएमएस)। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार ने भू-राजनीतिक तनाव और बदलती वैश्विक उम्मीदों के बीच एक रोलर-कोस्टर यात्रा की। अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता से शुरू हुई भारी गिरावट ने निवेशकों को हिला दिया, लेकिन सप्ताह के मध्य में शांति वार्ता की नई उम्मीदों ने बाजार को जोरदार वापसी करने का मौका दिया। हालांकि, मुनाफावसूली और अस्थिरता ने सप्ताह के बाकी दिनों में अपनी छाप छोड़ी, जिससे यह एक घटनापूर्ण और अप्रत्याशित कारोबारी सप्ताह साबित हुआ। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को अमेरिकी-ईरान वार्ता की विफलता की खबर के साथ हुई, जिसने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार को भी भारी झटका दिया। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,600 अंक तक गिरकर 75,939 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,600 के नीचे आ गया। बैंकिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में आइशर मोटर्स और मारुति के शेयरों में 5 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। दिन के अंत तक, सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट के साथ 77,882.59 पर बंद हुआ और रुपया डॉलर के मुकाबले 56 पैसे कमजोर होकर 93.39 पर आ गया। बाजार की अस्थिरता का सूचकांक वीआईएक्स 13 फीसदी से अधिक बढ़कर 21 के ऊपर पहुंच गया, जो निवेशकों में बढ़ती घबराहट को दर्शाता है। मंगलवार को डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहा, जिसने निवेशकों को भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को पचाने का समय दिया। एक दिन की छुट्टी के बाद बुधवार को बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली। ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता की नई उम्मीदों समेत कई अन्य कारकों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। सेंसेक्स 1,350 अंक से अधिक की तेजी के साथ खुला और अंततः 1,263.67 अंक बढ़कर 78,111.24 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी लगभग 388.65 अंक की छलांग लगाकर 24,231.30 पर पहुंच गया। इस उछाल से बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई, जो लगभग 458 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बैंक और रियल्टी इंडेक्स में 2 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह पाई। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में दिन भर बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। बाजार खुलने के बाद मजबूती दिखी, लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफावसूली हावी हो गई। सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 800 अंक से अधिक गिर गया और अंततः 122.56 अंक की मामूली गिरावट के साथ 77,988.68 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 24,200 से नीचे आ गया। एयरटेल और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख शेयरों पर दबाव दिखा। सत्र के दौरान सेंसेक्स में 1,055 अंकों से अधिक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिसने बाजार की अनिश्चितता को उजागर किया। ओएनजीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में दो प्रतिशत की गिरावट आई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार को बाजार ने सुस्त शुरुआत की, लेकिन अंततः हरे निशान पर बंद होने में सफल रहा। एशियाई बाजारों में नरमी और कच्चे तेल के भाव में स्थिरता के बावजूद, घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों ने वापसी की। सेंसेक्स 504.86 अंक बढ़कर 78,493.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 156.80 अंक बढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया। कुल मिलाकर यह सप्ताह वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति भारतीय बाजार की संवेदनशीलता और उसकी अंतर्निहित लचीलेपन दोनों को दर्शाता है। सतीश मोरे/18अप्रैल ---