:: 85% मुनाफे का लालच और डी-मार्ट के फर्जी कोटेशन दिखाकर निवेशकों को लगाया चूना, पुलिस कमिश्नर से शिकायत :: इंदौर (ईएमएस)। रिश्तों की ओट में छिपे फरेब ने एक बार फिर मानवीय विश्वास को शर्मसार किया है। शहर के हीरा नगर क्षेत्र में निवेश के नाम पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने निवेशकों को अल्प अवधि में 25 से 85 प्रतिशत तक के अवास्तविक मुनाफे का प्रलोभन देकर अपनी जालसाजी का शिकार बनाया। बुधवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पीड़ित भावेश नवीन देवगीर ने अपनी व्यथा सुनाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित के अनुसार, अंकित जोशी और उसके परिजनों ने द क्लासिको ऑफिशियल सहित चार विभिन्न फर्मों के माध्यम से इस सुनियोजित षड्यंत्र को अंजाम दिया। सुखलिया स्थित एक ही कार्यालय से संचालित इन फर्मों के जरिए निवेशकों को प्रभावित करने के लिए आरोपियों ने नामी रिटेल चेन डी-मार्ट और उज्जैन के धार्मिक प्रोजेक्ट्स के नाम पर फर्जी कोटेशन और वर्क ऑर्डर दिखाए। भावेश ने बताया कि वास्तविकता जांचने पर तथ्य सामने आया कि संबंधित कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्वयं करती हैं, जबकि आरोपी उनके नाम का दुरुपयोग कर अवैध रूप से निवेश बटोर रहे थे। :: झूठे मुकदमों का भय दिखाकर धमकाने का आरोप :: धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों ने जब अपनी जमापूंजी वापस मांगी, तो आरोपियों ने भुगतान करने के बजाय प्रताड़ना का रास्ता अख्तियार किया। आरोप है कि अंकित और उसके साथियों ने परिवार की महिलाओं को ढाल बनाकर पीड़ितों पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी, ताकि निवेशक दबाव में आकर अपनी राशि का दावा छोड़ दें। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उनके पास इन धमकियों के वीडियो फुटेज और निवेश से जुड़े पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं, जो आरोपियों के असली चेहरे को बेनकाब करते हैं। इस आर्थिक चोट ने कई परिवारों को सड़क पर ला खड़ा किया है, जिससे वे गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। पीड़ित भावेश ने रुंधे गले से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे गहरे अवसाद में हैं। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि यदि समय रहते उन्हें न्याय और सुरक्षा नहीं मिली, तो उनके पास आत्मघाती कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचेगा। इस संवेदनशील मामले में अब इंदौर पुलिस आयुक्त को वैधानिक कार्यवाही हेतु विस्तृत आवेदन सौंपा गया है। प्रकाश/18 अप्रैल 2026