खेल
19-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग हर साल दुनिया भर के क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा मंच साबित होती है, जहाँ वे न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, बल्कि मोटी कमाई भी करते हैं। मिनी ऑक्शन के दौरान टीमें विदेशी खिलाड़ियों पर बड़ा दांव खेलती हैं, क्योंकि वे मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, हर बार यह दांव सफल नहीं होता। आईपीएल 2026 में भी कुछ ऐसे विदेशी खिलाड़ी रहे हैं, जिन पर उनकी फ्रेंचाइजी ने करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन वे मैदान पर अपनी कीमत के अनुरूप प्रदर्शन करने में बुरी तरह विफल साबित हुए। आइए देखते हैं आईपीएल 2026 में अब तक के सबसे फ्लॉप विदेशी खिलाड़ियों की सूची। इस सूची में सबसे ऊपर ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन का नाम है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने नीलामी में कैमरून ग्रीन के लिए 25.20 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। यह रकम उनके ऑलराउंड प्रदर्शन, खासकर तेज गेंदबाजी और शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी में उनकी क्षमता को देखते हुए खर्च की गई थी। हालांकि, ग्रीन का प्रभाव केकेआर के लिए लगभग नगण्य रहा है। वे न तो बल्ले से अपेक्षित रन बना पाए और न ही अपनी गेंदबाजी से विकेट निकाल पाए, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद उनसे मैच जिताऊ प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वे पूरी तरह से फ्लॉप रहे हैं, जिससे फ्रेंचाइजी को भारी निराशा हुई है। दूसरे नंबर पर लखनऊ सुपर जायंट्स के स्टार खिलाड़ी निकोलस पूरन हैं। वेस्टइंडीज के इस विस्फोटक बल्लेबाज को लखनऊ ने 21 करोड़ रुपये की बड़ी रकम पर रिटेन किया था। पूरन अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और बड़े शॉट्स लगाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, खासकर डेथ ओवरों में। लेकिन इस सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। बार-बार बैटिंग ऑर्डर में बदलाव और दबाव के चलते पूरन अब तक खेले गए 5 मैचों में सिर्फ 42 रन ही बना पाए हैं। उनसे उम्मीद की जाती थी कि वे मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान करेंगे और तेजी से रन बटोरेंगे, लेकिन वे टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज लियाम लिविंगस्टोन भी आईपीएल 2026 में अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे हैं। अपनी पावर-हिटिंग और लेग-स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर लिविंगस्टोन को सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 करोड़ रुपये की मोटी रकम पर खरीदा था। हालांकि, इस सीजन में उनकी हालत यह रही कि उन्हें सिर्फ एक मैच में खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने मात्र 14 रन बनाए। एक ऐसे खिलाड़ी पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद अगर वह टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पा रहा है या मौका मिलने पर प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है, तो यह फ्रेंचाइजी के लिए चिंता का विषय है। गुजरात टाइटंस के उप-कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग-स्पिनरों में से एक राशिद खान भी इस सीजन में अपने नाम और प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। गुजरात ने उन्हें 18 करोड़ रुपये की भारी रकम पर रिटेन किया था, क्योंकि वे गेंद और बल्ले दोनों से मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, इस सीजन में उनके प्रदर्शन पर नजर डालें तो वे चार मैचों में गेंदबाजी में सिर्फ 5 विकेट ही ले पाए हैं और बल्लेबाजी में उनके नाम सिर्फ 24 रन दर्ज हैं। राशिद के मानकों के हिसाब से यह प्रदर्शन काफी औसत है, और उनसे हमेशा उम्मीद की जाती है कि वे लगातार विकेट निकालेंगे और निचले क्रम में महत्वपूर्ण रन बनाएंगे, जिसमें वे इस सीजन में थोड़े पिछड़ते नजर आ रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स भी आईपीएल 2026 में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रहे हैं। स्टब्स को दिल्ली कैपिटल्स ने 10 करोड़ रुपये की बड़ी रकम पर रिटेन किया था, ताकि वे टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभा सकें और अंत के ओवरों में तेजी से रन बना सकें। लेकिन इस सीजन में स्टब्स अब तक 4 मैचों में सिर्फ 109 रन ही बना पाए हैं। एक फिनिशर के तौर पर उनसे उम्मीद की जाती है कि वे हर मैच में प्रभावशाली कैमियो खेलेंगे, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे हैं, जिससे दिल्ली की मध्यक्रम की बल्लेबाजी और मजबूत फिनिश की कमी महसूस की जा रही है। यह सूची दर्शाती है कि आईपीएल कितना अप्रत्याशित है, जहाँ बड़े नामों और महंगी कीमतों के बावजूद प्रदर्शन की गारंटी नहीं होती। इन खिलाड़ियों पर उनकी टीमों ने बहुत भरोसा और पैसा लगाया था, लेकिन वे अब तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। यह आईपीएल की कठोर वास्तविकता है, जहाँ प्रदर्शन ही सबकुछ होता है, और महंगे दांव कभी-कभी टीम के लिए एक बोझ भी बन सकते हैं। डेविड/ईएमएस 19 अप्रैल 2026