खेल
19-Apr-2026
...


- यह किस्सा आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच सकलैन मुश्ताक की यादों में एक खास जगह रखता है नई दिल्ली (ईएमएस)। क्रिकेट के मैदान पर जब पाकिस्तान के महान ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक अपनी उंगलियों को हरकत देते थे, तो दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के पसीने छूट जाते थे। उनकी अनूठी ‘दूसरा’ गेंद ने क्रिकेट की डिक्शनरी में एक नया और प्रभावी शब्द जोड़ दिया था, जिससे बल्लेबाजों को भ्रमित करना उनका शगल बन गया था। लेकिन साल 1999 के क्रिकेट विश्व कप के दौरान, इंग्लैंड की ठंडी हवाओं के बीच सकलैन मैदान के बाहर एक ऐसी ‘गुगली’ खेल रहे थे, जिसकी भनक न तो टीम मैनेजमेंट को थी और न ही उनके कप्तान को। यह कहानी किसी जासूसी फिल्म से कम नहीं है, जिसमें एक तरफ विश्व कप का जबरदस्त दबाव था और दूसरी तरफ एक नया-नवेला शादीशुदा जोड़ा। सकलैन मुश्ताक की शादी दिसंबर 1998 में हुई थी। अभी शादी की मेहंदी का रंग गहरा ही था कि 1999 का विश्व कप शुरू हो गया। सकलैन के लिए एक अच्छी बात यह थी कि उनकी पत्नी लंदन की ही रहने वाली थीं। सकलैन का अपना एक सीधा सा गणित था: दिन भर मैदान पर पसीना बहाओ, विकेट चटकाओ और शाम को पत्नी के साथ सुकून के पल बिताओ। सब कुछ सही चल रहा था, टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और सकलैन खुद शानदार फॉर्म में थे। लेकिन अचानक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक अप्रत्याशित फरमान जारी कर दिया कि सभी खिलाड़ी अपने परिवारों को तुरंत वापस घर भेजें। बोर्ड का मानना था कि परिवारों की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है और वे खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन सकलैन के लिए यह तर्क गले उतारना मुश्किल था। वह अपनी लय में थे, टीम जीत रही थी और वह खुद शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने मन ही मन ठान लिया, “मैं यह नियम नहीं मानूंगा।” और यहीं से शुरू हुआ सकलैन मुश्ताक का अपनी पत्नी को होटल के कमरे की अलमारी में छिपाने का अनोखा और हास्यपूर्ण ‘मिशन’। सकलैन मुश्ताक ने अपनी पत्नी को होटल के कमरे से बाहर नहीं भेजा। लेकिन अब उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी कि टीम के मैनेजर और कोच समय-समय पर खिलाड़ियों के कमरों का मुआयना करने आते थे, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। यहीं से शुरू हुआ सकलैन मुश्ताक का सबसे मजेदार ‘डिफेंसिव’ गेम और छिपम-छिपाई का खेल। जब भी दरवाजे पर दस्तक होती, सकलैन का दिल जोर से धड़कने लगता। वह तुरंत अपनी पत्नी से कहते, “जल्दी, अलमारी के अंदर जाओ।” उनकी पत्नी भी समझदार थीं और चुपचाप अलमारी में कपड़ों के बीच दुबक कर बैठ जातीं और सकलैन चेहरे पर एक मासूम मुस्कान लिए दरवाजा खोलते। चाहे वह कोच रिचर्ड पायबस हों या टीम के अन्य अधिकारी, वे कमरे में झांकते, सकलैन से हाल-चाल पूछते और फिर चले जाते। उन्हें रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि जिस अलमारी के पास वे खड़े हैं, उसके अंदर पाकिस्तान के स्टार स्पिनर की ‘बेहतर अर्धांगिनी’ अपनी हंसी रोके बैठी हैं, इस अनूठे ‘नियम तोड़ने’ के कारनामे को अंजाम दे रही हैं। यह लुका-छिपी का खेल कुछ दिनों तक तो चला, लेकिन क्रिकेट टीम में बातें ज्यादा समय तक छिपती नहीं हैं। एक शाम, सकलैन के साथी खिलाड़ी अजहर महमूद और मोहम्मद युसूफ उनके कमरे पर आ धमके। वे नियमों को लेकर चर्चा करने आए थे, लेकिन उनकी नजरें कमरे में कुछ असामान्य ढूंढ रही थीं। सकलैन ने उन्हें टालने की कोशिश की, पर अजहर और युसूफ को कुछ संदिग्ध लगा। उन्हें शक हो गया कि इस कमरे में कोई और भी है। सकलैन की घबराहट उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी। अंत में, जब दोस्तों ने बहुत जोर दिया और हंसी-मजाक का माहौल शुरू हुआ, तो सकलैन को अपनी हार माननी पड़ी। उन्होंने मुस्कुराते हुए अलमारी का दरवाजा खोला और अपनी पत्नी को बाहर आने को कहा। उस पल का दृश्य ऐसा था कि अजहर और युसूफ अपनी हंसी नहीं रोक पाए। एक तरफ दुनिया का सबसे खतरनाक स्पिनर खड़ा था और दूसरी तरफ वह अलमारी, जो कुछ पलों के लिए सकलैन के ‘प्यार का किला’ बन गई थी, जिसने एक अनोखी कहानी रच दी। हैरानी की बात यह है कि इस मानसिक उठापटक और ‘लुका-छिपी’ के बावजूद सकलैन के खेल पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा। इसी विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने ऐतिहासिक हैट्रिक ली, जो उनकी शानदार गेंदबाजी का एक और प्रमाण था। वह पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे, अपनी टीम के लिए लगातार महत्वपूर्ण विकेट चटकाते रहे। सालों बाद जब सकलैन ने रौनक कपूर के शो ‘बियॉन्ड द फील्ड’ में इस मजेदार किस्से को साझा किया, तो उन्होंने ठहाका लगाते हुए कहा कि वह एक पेशेवर खिलाड़ी थे। दिन भर वह टीम के लिए जान लड़ाते थे और शाम को उन्हें बस अपने जीवनसाथी का साथ चाहिए था, जो उन्हें मानसिक शांति प्रदान करता था। यह किस्सा आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच सकलैन मुश्ताक की यादों में एक खास जगह रखता है, जो उनके मैदान पर जादू और मैदान के बाहर के अनूठे व्यक्तित्व को दर्शाता है। डेविड/ईएमएस 19 अप्रैल 2026