-आयकर विभाग के छापे में जब्त संपत्तियों व चुनावी हलफनामें में मिला अंतर नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के निवर्तमान विधायक और रासबिहारी सीट से उम्मीदवार देबाशीष कुमार मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। आयकर विभाग ने उनके आवास पर हाल ही में की गई छापेमारी में जब्त संपत्तियों और चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों के बीच गंभीर अंतर पाया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह जानकारी निर्वाचन आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी भेज दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल को आयकर विभाग ने देबाशीष कुमार उनके करीबी सहयोगियों और ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र से जुड़े मिराज शाह सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में करीब 1.75 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे और बहुमूल्य धातुएं बरामद की गईं, जिनके स्वामित्व को लेकर अब अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के मुताबिक देबाशीष कुमार की पत्नी देवजानी कुमार की ओर से आयकर रिटर्न (2021-22 से 2024-25) में घोषित आय और 2021 के चुनावी हलफनामे में दर्शाई गई देनदारियों में भी अंतर पाया गया। वहीं, नवीनतम हलफनामे में पत्नी के नाम पर शून्य देनदारी दिखाना भी सवालों के घेरे में है। इसके अलावा देबाशीष कुमार ने 2026 के हलफनामे में अपने और पत्नी के पास करीब 36 लाख रुपए का 278 ग्राम सोना और 2.5 लाख रुपए की चांदी होने की घोषणा की है, जबकि छापेमारी में इससे कहीं ज्यादा मूल्य के आभूषण मिलने का दावा किया गया है। विभाग को सोने के वजन और घोषित आंकड़ों में भी अंतर मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने 2021 के मुकाबले संपत्ति में 1.65 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी पर भी जवाब मांगा है, साथ ही कुछ सहयोगियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच जारी है, जिन पर कथित तौर पर अघोषित निवेश और नकद लेन-देन में मदद करने के आरोप हैं। सिराज/ईएमएस 20अप्रैल26