राष्ट्रीय
20-Apr-2026
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-ली जे-म्युंग ने कहा- हम मिलकर बदलेंगे वैश्विक रणनीति नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत दौरे पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर न केवल आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाएंगे, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिरता में भी अहम भूमिका निभाएंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा, मध्य पूर्व से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस समुद्री मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना साझा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोरिया और भारत लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बनी रहे और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने भारत को “आदर्श साझेदार” बताते हुए कहा कि भारत की विशाल जनसंख्या, मजबूत अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षमता उसे एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति बनाती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा विकास पर आधारित है। रक्षा क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने के9 वज्र परियोजना का उल्लेख किया और कहा कि यह सहयोग आत्मनिर्भर भारत अभियान का सफल उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 60 प्रतिशत से अधिक उत्पादन भारत में हो रहा है, और दोनों देश आगे भी तकनीकी सहयोग, सह-निर्माण और रखरखाव में साझेदारी बढ़ाएंगे। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर उन्होंने कहा कि कोरिया की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत का विशाल टैलेंट पूल मिलकर बड़ा बदलाव ला सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सेमीकंडक्टर, एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी में संयुक्त अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। शिपबिल्डिंग और समुद्री व्यापार पर बात करते हुए कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अगर वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनना चाहता है, तो उसे जहाज निर्माण क्षमता को मजबूत करना होगा। कोरिया इस क्षेत्र में भारत का स्वाभाविक साझेदार बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक तनावों के बीच “इंडो-पैसिफिक” क्षेत्र की स्थिरता किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर बहुपक्षीय सहयोग और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सांस्कृतिक सहयोग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बॉलीवुड और कोरियाई कंटेंट मिलकर नई संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। इसके साथ ही शिक्षा, पर्यटन और भाषा आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध और मजबूत हों। हिदायत/ईएमएस 20अप्रैल26