राज्य
23-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। एनडीएमए ने देश में बढ़ती गर्मी और लू से निपटने के लिए 300 हीट एक्शन प्लान तैयार किए हैं, और 100 नए प्लान पाइपलाइन में हैं। इन योजनाओं में स्थानीय चुनौतियों के आधार पर पानी, हरियाली, कूल रूफ और श्रमिकों के लिए आर्थिक सुरक्षा जैसे उपाय शामिल हैं, जिससे लू से होने वाली मौतों में कमी आई है। देश में बढ़ते तापमान एवं लू के खतरों को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कमर कस ली है। एनडीएमए का लक्ष्य अब राज्य, जिला और शहर, हर स्तर पर हीट एक्शन प्लान (एचएपी) तैयार करना है ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी जा सके। भारत मंडपम में दो दिवसीय ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम के दौरान एनडीएमए के अध्यक्ष कृष्ण वत्स ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हर शहर और जिले की अपनी अलग चुनौतियां होती हैं। इसलिए एक ही राष्ट्रीय योजना हर जगह काम नहीं कर सकती। लिहाजा अब तक लगभग 300 हीट एक्शन प्लान तैयार किए जा चुके हैं। 100 नए प्लान बनाने की प्रक्रिया जारी है। इनमें पानी की व्यवस्था, हरियाली बढ़ाना, कूल रूफ (ठंडी छतें) और शेल्टर होम बनाना शामिल है। भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ता है जो बाहर रहकर शारीरिक श्रम करते हैं, जैसे निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और किसान। गर्मी के कारण जब काम के घंटे बदले जाते हैं, तो उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/23/ अप्रैल /2026