- मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा गिरफ्तार सहित तीन गिरफ्तार - उत्तर प्रदेश और राजस्थान से दबोचा गया आरोपियो को - भोपाल के कोलार निवासी फरियादी के घर की रेकी कर बनाया था वीडियो - फिर कॉल कर धमकाते हुए की थी फिरौती की मांग भोपाल(ईएमएस)। एमपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते व्हाट्सएप कॉल से धमकाते हुए फिरौती मांगने वाले संगठित गिरोह का राजफाश किया है। मामले में एसआईटटी-एसटीएफ ने कार्यवाही करते हुए अब तक मास्टरमांइड सहित तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने पहले तो राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति के घर की रेकी कर उसका वीडियो बनाया और फिर वीडियो के आधार पर उसे कॉल कर धमकाते हुए फिरौती की मांग की थी। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार डीजीपी कैलाश मकवाणा द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों की प्रभावी रोकथाम एवं अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के लिये गठित एसआईटी-एसटीएफ ने समन्वित रूप से इस कार्यवाही को अंजाम दिया है। - गुप्त रुप से फरियादी के मकान की रैकी कर बनाया था वीडियो शातिर गिरोह में सबसे पहले भोपाल के थाना कोलार रोड क्षेत्र में रहने वाले फरियादी के मकान की गुप्त रुप से रेकी कर वीडियो बनाया और उस वीडियो को फरियादी को भेज दिया। वीडियो भेजने के बाद पीड़ित को डराने-धमकाने के लिये आरोपियो ने व्हाट्सएप कॉल कर उससे फिरौती की मांग की। शिकायत मिलने पर संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसआईटी और एसटीएफ भोपाल ने संयुक्त रुप से जॉच शुरु की। पुलिस को तकनीकी जॉच में अहम सुराग हाथ लगे, इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियो की पहचान जुटाई गई। - मास्टरमांइड, रैकी कर वीडियो बनाने वाले सहित तीन गिरफ्तार नेपाल भागने की फिराक में था आंनद आरोपियो की लगातार तलाश में जुटी टीम ने 16 अप्रैल 26 को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी निवासी, जिला बांदा, उत्तरप्रदेश को दबोच लिया। पूछताछ में निर्मल ने बताया की इस काम के लिये उसे गिरोह के मास्टरमांइड आनंद मिश्रा निवासी, जिला बांदा, उत्तरप्रदेश ने मोटी रकम दी थी। और पूरी योजना बताते हुए उसे होशियारी से रैकी कर वीडियो बनाने के लिये कहा था। निर्मल के पकड़ में आने की भनक लगते ही मास्टरमांइड आनंद मिश्रा गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से नेपाल भागने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले ही एसआईटी-एसटीएफ टीम ने उसे 20 अप्रैल 26 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अन्य आरोपी जे.पी. डारा निवासी, जिला बीकानेर, राजस्थान की भूमिका भी सामने आई। वह गिरोह के सदस्यों को समय-समय पर वारदात को अंजाम देने के लिये आवश्यक संसाधन और पैसो से मदद करता था। जेपी डारा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, जिससे गिरोह के अन्य नेटवर्क एवं गतिविधियों के संबंध में अहम जानकारी हाथ लगने की संभावना है। - राजफाश करने वाली टीम में यह रहे शामिल यह सराहनीय कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डी. श्रीनिवास वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा, एसपी एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया, एसपी एसटीएफ नवीन कुमार चौधरी तथा एसपी एटीएस वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में की गई। मैदानी कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक योगिता साटनकर के नेतृत्व में निरीक्षक आशीष चौधरी, उपनिरीक्षक मनोज यादव, अमित शर्मा, सुनील रघुवंशी सहित एसआईटी एवं एसटीएफ के अधिकारी,कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। जुनेद / 23 अप्रैल