भोपाल(ईएमएस)। शहर के टीटी नगर थाना इलाके के न्यू मार्केट में करीब डेढ़ साल पहले एक युवती को एडिश्नल एसपी की वर्दी पहनकर घुमते हुए पकड़ा गया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस की जांच में कई तरह की तकनीकी चूक पाए जाने पर युवती को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार यह मामला 22 नवंबर, 2024 को सामने आया था। टीटी नगर पुलिस ने इंदौर में रहने वाली युवती शिवानी चौहान को उस समय दबोचा था, जब वह एडिश्नल एसपी की वर्दी पहनी हुई थी। लेकिन, बैज उसने कांस्टेबल का लगाया हुआ था। इस कारण टीटी नगर पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेने के बाद प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले की जांच के बाद जिला अदालत में अभियोग पत्र पेश किया गया। शिवानी चौहान की और से कोर्ट में मिर्जा इमरान बैग और सादिक खान ने सुनवाई के दौरान अपने तर्क पेश किए थे। जिसमें न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी लक्ष्मी वास्कले ने सहमति जताते हुए शिवानी चौहान को बरी कर दिया। - यह कमियां आई सामने कोर्ट आदेश में लिखा गया है, कि पुलिस ने मामले की जांच के दौरान वह वर्दी जब्ती करना बताया था। लेकिन, पुलिस उसे न्यायालय में पेश ही नहीं कर सकी। इसके अलावा कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों के ड्यूटी रजिस्टर को पेश नहीं किया जा सका। यह सभी कार्रवाई की सीडी अदालत में चलाई गई तो वह चल ही नहीं पाई। मामले की जांच करने वाले अधिकारी ने बयान दिया कि संदेही ने थाने में कपड़े बदले थे। लेकिन, ऐसा करने से संबंधित कोई पंचनामा ही नहीं बनाया गया। नक्शा से लेकर सील में कई तरह की खामियां दिखाई दी। यह देखते हुए विवेचना में न्याय संगत व्यवहार न करने और अनुसंधान कार्रवाई में शिथिलता को देखते हुए शिवानी चौहान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। जुनेद / 23 अप्रैल