क्षेत्रीय
23-Apr-2026


बलौदाबाजार (ईएमएस)। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम के द्वारा अक्षय तृतीया के दूसरे दिवस पर बाल विवाह की रोकथाम करने एवं समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक बाल विवाह के दूरगामी दुष्प्रभावों की जानकारी का प्रसार करने के लिए बलौदाबाजार भाटापारा एवं पलारी क्षेत्र का भ्रमण किया गया। इस दौरान 3 स्थानों पर बाल विवाह होने से रोका गया। 19 एवं 20 अप्रैल को दो दिवसीय महाअभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा कुल 75 मामलों में परिवार के घर जाकर हो रहे विवाह में वर - वधु की आयु का परीक्षण किया गया। भाटापारा विकासखण्ड अंतर्गत एक ही परिवार हो रहे दो विवाह में बालिका की आयु 17 वर्ष 6 माह एवं बालक की आयु 19 वर्ष 7 माह की पायी गयी। जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाईल्ड लाईन की टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर बालिका एवं बालिका के परिजनो का बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्रदान कर विवाह हेतु निर्धारित आयु पर ही विवाह करने की समझाईश दी गई। भाटापारा नगर पालिका क्षेत्र में 17 वर्षीय 10 माह की बालिका का विवाह होने की जानकारी प्रदान की गई। उक्त प्रकरण मे वार्ड पार्षद की उपस्थिति में दोना पक्षो को बाल विवाह से बालिकाओं पर पड़ने वाले शारीरिक, मानसिक दुष्परिणामों की जानकारी प्रदान की गई। परिजनो द्वारा अज्ञानतावश अपनी पुत्री का विवाह तय किए जाने की बात स्वीकार करते हुए टीम का आभार व्यक्त किया। बाल विवाह मुक्त जिला बनाए जाने हेतु सामाजिक सहयोग करने एवं बच्चो के सहायतार्थ आपात्कालीन हेल्पलाईन नंबर 1098 में सूचना देने का अनुरोध किया गया। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/23 अप्रैल 2026