:: शहर के चार ज़ोन में तैनात हुईं विशेष टीमें; पीए सिस्टम से एनाउंसमेंट कर वाहन चालकों को किया जा रहा जागरूक :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब आधुनिक तकनीक का कड़ा पहरा बैठा दिया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस द्वारा ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से व्यस्त समय (पिक आवर्स) के दौरान ड्रोन के जरिए उन वाहन चालकों की पहचान की जा रही है जो रॉन्ग साइड ड्राइविंग, रेड लाइट उल्लंघन और नो पार्किंग में वाहन खड़ा कर यातायात बाधित कर रहे हैं। पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में यातायात के चारों ज़ोन में अलग-अलग ड्रोन टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। ड्रोन से मिलने वाले रियल-टाइम इनपुट के आधार पर मौके पर तैनात पुलिस टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं। निगरानी के दौरान जहां भी यातायात बाधित पाया जाता है, उसकी सूचना तत्काल वायरलेस के माध्यम से कंट्रोल रूम को प्रेषित की जाती है, जहाँ से नजदीकी ट्रैफिक पॉइंट को सूचित कर त्वरित रूप से जाम खुलवाया जा रहा है। तकनीक का यह उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन रोकने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी कम हुई है। निगरानी के लिए शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों को चार प्रमुख टीमों में बांटा गया है। पहली टीम ने राजवाड़ा, यशवंत रोड, जवाहर मार्ग और सराफा क्षेत्र में मोर्चा संभाला, जबकि दूसरी टीम संजय सेतु, फ्रूट मार्केट और नंदलालपुरा क्षेत्र में सक्रिय रही। पलासिया, एमजी रोड और इंडस्ट्री हाउस जैसे क्षेत्रों की जिम्मेदारी तीसरी टीम को सौंपी गई, वहीं चौथी टीम ने रोबोट चौराहा, रेडिसन और विजयनगर जैसे प्रमुख चौराहों पर ड्रोन के जरिए यातायात का प्रबंधन किया। प्रशासन द्वारा तकनीक का उपयोग केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि ड्रोन में लगे पीए सिस्टम के माध्यम से एनाउंसमेंट कर आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आगामी समय में शहर के अन्य प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर ड्रोन सर्विलांस का दायरा और अधिक विस्तारित किया जाएगा। यातायात पुलिस की इस सक्रियता का उद्देश्य शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाना और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी लगाम कसना है। प्रकाश/24 अप्रैल 2026