दमोह (ईएमएस)। कार्यक्रम की शुरुआत सघन वृक्षारोपण अभियान से की गई, जिसमें 100 से अधिक फैक्ट्री के युवा एवं स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तत्पश्चात नरसिंहगढ़ ग्राम स्थित सोनार नदी के घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 20 बोरियों में पॉलिथीन एवं अन्य अपशिष्ट एकत्रित कर सुरक्षित रूप से फैक्ट्री परिसर में लाकर निस्तारित किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रमुख अशोक तिवारी द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई कि वे प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने हेतु स्वयं भी जागरूक रहेंगे और अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे। मिस्टर तिवारी द्वारा कार्यक्रम से सम्बंधित विस्तृत वक्तब्या के दौरान माइसेम सीमेंट, द्वारा किये जा रहे विभिन्न सराहनीय कार्यों से आगाज़ किया गया साथ ही, क्षेत्रीय कार्यालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सागर द्वारा संचालित इस सराहनीय पहल को सफल बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया गया। अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारी श्री विकास कुमार एवं श्री आलोक तिवारी एवं टीम ने विभिन्न गांवों में जाकर चौपाल आयोजित की तथा जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस प्रयास से बड़ी संख्या में वृद्धा, युवा, बच्चे एवं महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में निश्चित रूप से देखने को मिलेंगे। माइसेम सीमेंट द्वारा जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका लाभ स्थानीय ग्रामीणों को द्वि-फसल सिंचाई के रूप में प्राप्त हो रहा है। इस कारण गांवों में कंपनी के प्रति सकारात्मक और सराहनीय माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण टीम द्वारा बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को सुहाव गांव सरपंच श्री लक्ष्मण सिंह ठाकुर द्वारा पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026” मध्य प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक चलने वाला 100 दिवसीय जल संरक्षण अभियान है, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जल निकायों के पुनरुद्धार, 10,000 से अधिक चेक डैम के जीर्णोद्धार एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने हेतु प्रारंभ किया गया है। जनभागीदारी पर केंद्रित इस अभियान का उद्देश्य राज्य को जल-समृद्ध बनाना है। ईएमएस / 24/04/2026